5 महीने से नहीं मिला मेहनताना: भुखमरी की कगार पर पहुंचे चंदौली के वैक्सीन प्रोवाइडर, बकाए भुगतान की मांग
शहाबगंज में स्वास्थ्य विभाग के वैक्सीन प्रोवाइडरों को अप्रैल माह से वेतन नहीं मिला है। महीनों से बकाया भुगतान न होने के कारण उनके सामने बच्चों की पढ़ाई, दवा और राशन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
अप्रैल से रुका वैक्सीन प्रोवाइडरों का वेतन
शहाबगंज में गंभीर आर्थिक संकट
उधारी के सहारे चल रहा परिवार
बकाया वेतन तत्काल भुगतान की मांग
स्वास्थ्य विभाग के बच्चों के टीकाकरण अभियान में अहम जिम्मेदारी निभाने वाले वैक्सीन प्रोवाइडरों को बीते अप्रैल माह से अब तक वेतन नहीं मिल सका है। कई महीनों से मेहनताना न मिलने के कारण शहाबगंज क्षेत्र के कर्मियों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। संजय कुमार, सुधाकर, संजय कुमार विश्वकर्मा और जोखू यादव समेत अन्य कर्मचारियों ने शासन से बकाया वेतन दिलाने की गुहार लगाई है।
उधारी और तंगी के साए में कट रही जिंदगी
वैक्सीन प्रोवाइडरों का कहना है कि घर का राशन, बच्चों के स्कूल की फीस, दवा और रोजमर्रा के जरूरी खर्च इसी आय पर निर्भर हैं। अप्रैल से वेतन न मिलने के कारण अब उन्हें रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों से उधार लेकर परिवार का खर्च चलाना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच इस आर्थिक तंगी ने पूरे परिवार की कमर तोड़कर रख दी है।
गांव-गांव जाकर निभाते हैं अपनी जिम्मेदारी
कर्मचारियों ने बताया कि वे विषम परिस्थितियों में भी गांव-गांव जाकर बच्चों का समय पर टीकाकरण कराते हैं। स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं को धरातल पर उतारने में उनकी अहम भूमिका रहती है। इसके बावजूद समय पर वेतन न मिलना उनके समर्पण और मेहनत की अनदेखी को दर्शाता है।
विभाग और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील
लंबे समय से आर्थिक परेशानी झेल रहे वैक्सीन प्रोवाइडरों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों और शासन-प्रशासन से मामले में संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि अप्रैल से अटके वेतन का जल्द से जल्द भुगतान कराया जाए, ताकि उनके परिवारों को इस गंभीर संकट से राहत मिल सके।