शहीद भगत सिंह के सपनों का भारत बचाने का संकल्प, जनविरोधी कानूनों के खिलाफ चंदौली में गूँजी आवाज।

 

सैदूपुर के गांधीनगर में शहीद-ए-आजम भगत सिंह के शहादत दिवस पर वामपंथी और लोकतांत्रिक दलों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। नेताओं ने वर्तमान सत्ता को लोकतंत्र और संविधान के लिए खतरा बताते हुए संघर्ष का आह्वान किया।

 
 

शहीद भगत सिंह स्मारक पर दी गई श्रद्धांजलि

जनविरोधी ट्रेड डिस्प्यूट एक्ट की वर्तमान से तुलना

पूंजीपतियों के हित साधने का सरकार पर आरोप

तानाशाही के खिलाफ एकजुट होने का संकल्प

बदहाल शिक्षा, स्वास्थ्य और बेरोजगारी पर चिंता

चंदौली जनपद के चकिया ब्लॉक अंतर्गत गांधीनगर (बरहुआ) स्थित शहीद-ए-आजम भगत सिंह स्थल पर शनिवार को शहादत दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर विभिन्न वामपंथी, लोकतांत्रिक दलों और किसान संगठनों के नेताओं ने एकजुट होकर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। माल्यार्पण के बाद आयोजित सभा में वक्ताओं ने वर्तमान राजनीतिक हालातों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आज देश में लोकतंत्र और संविधान को नष्ट करने की साजिश रची जा रही है।

इतिहास दोहरा रही है वर्तमान सरकारें
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शहीद भगत सिंह ने ब्रिटिश हुकूमत के जनविरोधी 'ट्रेड डिस्प्यूट एक्ट' और 'पब्लिक सेफ्टी बिल' के खिलाफ असेंबली में बम फेंक कर विरोध जताया था। आज विडंबना यह है कि हमारे अपने देश की सरकारें संसद में वैसे ही जनविरोधी कानून बना रही हैं। ये कानून केवल बहुसंख्यक जनता के हितों के विरुद्ध हैं और चंद बड़े पूंजीपति घरानों व बहुराष्ट्रीय निगमों को फायदा पहुँचाने के लिए लाए जा रहे हैं।

साम्राज्यवादी शक्तियों के इशारे पर काम करने का आरोप
माकपा के राज्य कमेटी सदस्य शम्भू नाथ यादव ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार साम्राज्यवादी शक्तियों और अमेरिकी इशारों पर काम कर रही है। इसकी सजा देश की आम जनता भुगत रही है। उन्होंने कहा कि आज किसान बदहाल है, युवाओं के पास रोजगार नहीं है और शिक्षा व स्वास्थ्य का बजट लगातार कम किया जा रहा है। सरकार धीरे-धीरे देश पर तानाशाही थोप रही है और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है।

संविधान बचाने का लिया गया संकल्प
वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि शहीद-ए-आजम को सच्ची श्रद्धांजलि तभी दी जा सकती है, जब हम लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सड़क पर उतरकर लड़ाई लड़ें। सभा का संचालन नौजवान सभा के जिला अध्यक्ष राजेन्द्र यादव ने किया।

इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानी रामनिवास पाण्डेय, एआईपीएफ सदस्य अजय राय, अखिलेश दूबे, किसान सभा के जिला अध्यक्ष परमानंद कुशवाहा, मंत्री लालचंद यादव, जनवादी महिला समिति की जिला अध्यक्ष लालमनि विश्वकर्मा और भग्रुनाथ विश्वकर्मा सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने संकल्प लिया कि वे भगत सिंह के सपनों के समतामूलक समाज के निर्माण के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।