डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर बड़ा संकल्प, चंदौली में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को मिली नई धार

 

आदर्श जनता इंटर कॉलेज चतुरीपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भव्य पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वन विभाग और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत लोगों को पर्यावरण बचाने का संकल्प दिलाया।

 
 

चतुरीपुर में भव्य पौधरोपण कार्यक्रम

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान

ब्लॉक प्रमुख ने दिया राष्ट्रभक्ति संदेश

पेड़ बचाओ संकल्प के साथ समापन

क्या किसी महापुरुष को सच्ची श्रद्धांजलि केवल शब्दों से दी जा सकती है, या उनके विचारों को जन-आंदोलन बनाकर? डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर मंगलवार को आदर्श जनता इंटर कॉलेज चतुरीपुर के प्रांगण में ऐसा ही शानदार दृश्य देखने को मिला। यहाँ काशी वन्य जीव प्रभाग रामनगर के तत्वावधान में एक भव्य पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसने राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश एक साथ दिया।

बलिदान को बताया देश की एकता की प्रेरणा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख शंभूनाथ सिंह यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और राष्ट्रहित में उनके त्याग को याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का बलिदान देश की अखंडता के लिए था, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि जिस प्रकार उन्होंने देश के लिए अपना सब कुछ समर्पित कर दिया, उसी प्रकार हमें भी अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए।

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को बनाएं जन-आंदोलन
विशिष्ट अतिथि और चंद्रप्रभा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) अखिलेश कुमार दुबे ने प्रधानमंत्री के "एक पेड़ मां के नाम" अभियान की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह मुहिम केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मातृत्व और प्रकृति को जोड़ने वाली एक सुंदर भावना है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि पेड़ लगाने के साथ-साथ उसे जीवित रखने और उसकी देखभाल करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी हमें उठानी होगी।

गणमान्य नागरिकों ने मिलकर रोपे पौधे
इस मौके पर कॉलेज परिसर में हरियाली और खुशहाली बिखेरने के लिए कतारबद्ध होकर पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में कोतवाली प्रभारी अर्जुन सिंह, अरविंद कुमार सिंह, अंबुज मोदनवाल सहित वन विभाग के तमाम अधिकारी, कर्मचारी, स्कूल के शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

'पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ' के नारों से समापन
कार्यक्रम के आखिरी में परिसर "पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ" और "हरियाली ही खुशहाली" के नारों से गूंज उठा। वहाँ मौजूद सभी लोगों ने पर्यावरण को बचाने का सामूहिक संकल्प लिया। सभी वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को असली श्रद्धांजलि तभी मिलेगी जब समाज पेड़ लगाने को केवल एक सरकारी अभियान न मानकर अपने जीवन का संस्कार बना लेगा।