चंदौली के सीहर गांव में मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम, 'शिक्षा आपके द्वार' और 'सेल्फी विथ प्लांट' अभियान के तहत ग्रामीणों को किया जागरूक

 

चंदौली के शहाबगंज ब्लॉक के सीहर गांव में मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम हुआ। 'शिक्षा आपके द्वार' और 'सेल्फी विथ प्लांट' अभियान के तहत ग्रामीणों को शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और मानवाधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। डॉ. परशुराम सिंह ने संबोधित किया।

 
 

सीहर गांव में मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

शिक्षा आपके द्वार' और 'सेल्फी विथ प्लांट' अभियान पर चर्चा

भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने किया आयोजन

राष्ट्रीय किसान सचिव डॉ. परशुराम सिंह ने किया संबोधित

पौधारोपण और देखभाल के लिए किया प्रेरित

चंदौली जिला के शहाबगंज विकासखंड में भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन की ओर से रविवार को सीहर गांव में मानवाधिकार एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में ‘शिक्षा आपके द्वार, सेल्फी विथ प्लांट और मानवाधिकार’ विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान ग्रामीणों को शिक्षा के महत्व, पर्यावरण संरक्षण तथा अपने मानवाधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

शिक्षा है बदलाव का माध्यम

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा समाज में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। ‘शिक्षा आपके द्वार’ अभियान के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक शिक्षा और जागरूकता पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

लोगों से बच्चों को नियमित शिक्षा दिलाने और शिक्षा के प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि जब तक हर बच्चा शिक्षित नहीं होगा, तब तक समाज का विकास संभव नहीं है।

वहीं ‘सेल्फी विथ प्लांट’ अभियान के तहत ग्रामीणों को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया गया। लोगों से अपील की गई कि वे अपने घरों और खेतों में अधिक से अधिक पौधे लगाएं।

पौधों की देखभाल भी जरूरी : डॉ. परशुराम सिंह

भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय किसान सचिव डॉ. परशुराम सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। केवल पौधे लगा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में पौधे लगाने और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभानी चाहिए, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सकेगा। बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग को देखते हुए पौधारोपण बहुत जरूरी है।

मानवाधिकारों पर हुई चर्चा

कार्यक्रम के दौरान मानवाधिकारों के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने समानता, जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता, शिक्षा, स्वास्थ्य, सम्मानजनक जीवन, विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा भेदभाव से मुक्त रहने जैसे अधिकारों के बारे में लोगों को जानकारी दी।

ग्रामीणों को बताया गया कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। अगर कहीं उनके अधिकारों का हनन होता है तो वे मानवाधिकार आयोग में शिकायत कर सकते हैं।

ये लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर प्रदेश संगठन सचिव आयुष्य पाठक, रामपूजन, मिथिलेश पाण्डेय, समाजसेवी करुणेश पाण्डेय, मनीष मिश्रा, अजीत कुमार, प्रमोद कुमार सिंह, अनुपम सिंह तथा थाना प्रभारी चंदन राय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने, अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनकी देखभाल करने तथा मानवाधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।