ठेकहा विद्यालय में लटका ताला, शिक्षक नदारद, बारिश में बच्चों की छुट्टी पर शिक्षकों को करना था विभागीय कार्य, वीडियो वायरल होने पर BEO बोले- नोटिस जारी कर होगी कार्रवाई

 

शहाबगंज के कंपोजिट विद्यालय ठेकहा में बारिश के चलते बच्चों की छुट्टी थी, लेकिन शिक्षकों को विभागीय कार्य के लिए उपस्थित रहना था। विद्यालय में ताला मिलने और शिक्षक नदारद होने का वीडियो वायरल होने पर बीईओ अजय कुमार ने नोटिस जारी कर कार्रवाई की बात कही।

 
 

कंपोजिट विद्यालय ठेकहा में ताला लटका, शिक्षक नदारद मिले

 भारी बारिश में कक्षा 1 से 8 तक बच्चों की छुट्टी थी, शिक्षकों को करना था विभागीय कार्य

विद्यालय बंद होने का वीडियो वायरल, ग्रामीणों में चर्चा

बीईओ अजय कुमार ने लिया संज्ञान, नोटिस जारी कर कार्रवाई की बात कही

शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

चंदौली जिले में शनिवार को भारी बारिश के चलते कक्षा एक से 12 तक के बच्चों के लिए शिक्षण कार्य स्थगित रहा, लेकिन स्कूल में शिक्षकों को आना था।  कंपोजिट विद्यालय ठेकहा में इस दौरान विद्यालय बंद मिलने का मामला सामने आया है। विभागीय निर्देश के अनुसार बच्चों की छुट्टी होने के बावजूद शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थित रहकर आवश्यक विभागीय कार्य करना था।

ऐसे में विद्यालय में ताला लटका मिलने और शिक्षकों के मौके पर नहीं मिलने की बात सामने आने से शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए छुट्टी ठीक है, लेकिन शिक्षकों को तो आना ही चाहिए था।

विद्यालय बंद होने से संबंधित वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। लोगों का कहना है कि जब विभाग की ओर से शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थित रहने का निर्देश था तो विद्यालय बंद कैसे रहा। यदि शिक्षक निर्धारित समय पर विद्यालय में मौजूद नहीं थे तो उनकी उपस्थिति की निगरानी करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।

ग्रामीणों ने बताया कि सुबह के समय बच्चे तो नहीं आए, लेकिन शिक्षक भी नहीं आए। विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला लटका था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद विभाग हरकत में आया।

बीईओ ने लिया संज्ञान

मामले को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि संबंधित मामले में नोटिस जारी किया जाएगा। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बारिश में बच्चों की छुट्टी की गई थी, लेकिन शिक्षकों को विभागीय कार्य के लिए विद्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य था।

निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

प्रकरण ने विद्यालयों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। अभिभावकों का कहना है कि बारिश या अन्य परिस्थितियों में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए शिक्षण कार्य स्थगित किया जा सकता है, लेकिन विभागीय कार्य के लिए शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश होने के बावजूद यदि विद्यालय बंद मिलता है तो इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

लोगों का कहना है कि केवल निर्देश जारी कर देने से व्यवस्था नहीं सुधरेगी, बल्कि अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि निर्देशों का धरातल पर पालन हो रहा है या नहीं। ठेकहा विद्यालय प्रकरण में भी अब विभागीय जांच से स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

बीईओ के अनुसार संबंधित शिक्षकों को नोटिस जारी कर उनका स्पष्टीकरण लिया जाएगा। जांच में यदि लापरवाही या निर्देशों की अनदेखी की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग की जांच कितनी निष्पक्षता से होती है और जिम्मेदारी तय होने के बाद क्या कदम उठाया जाता है।