शहाबगंज में शिक्षकों के लिए 'कवच' बनी टीएससीटी, संकट में मदद के लिए टीचर्स सेल्फ केयर टीम की ब्लॉक स्तरीय बैठक

 

शहाबगंज ब्लॉक संसाधन केंद्र पर आयोजित टीएससीटी की बैठक में शिक्षकों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा पर मंथन हुआ। संगठन ने अब तक 516 परिवारों को लगभग 10 करोड़ रुपये की सहायता देकर मिसाल पेश की है।

 

शिक्षकों की आर्थिक सुरक्षा पर मंथन

50 लाख तक पहुंची सहायता राशि

शहाबगंज बीआरसी पर अहम बैठक

उत्तर प्रदेश सहित 6 राज्यों में विस्तार

कन्यादान एवं जीवनदान योजना का लाभ

चंदौली जिले के शहाबगंज ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) परिसर में रविवार को 'टीचर्स सेल्फ केयर टीम' (TSCT) की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष कन्हैयालाल गुप्ता ने शिक्षक समाज की एकजुटता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का पथ-प्रदर्शक होता है और जब शिक्षक का परिवार सुरक्षित रहेगा, तभी वह निर्भीक होकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे पाएगा। टीएससीटी संगठन इसी सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को धरातल पर उतारने का कार्य कर रहा है।

संकट के समय आर्थिक सुरक्षा का बड़ा आधार
सह संयोजक निठोहर सत्यार्थी ने संगठन के मूल उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया कि किसी शिक्षक की असमय मृत्यु होने पर उसके परिवार को दर-दर न भटकना पड़े, इसी मानवीय सोच के साथ 26 जुलाई 2020 को विवेकानंद आर्य, सुधेश पांडेय और संजीव रजक ने इस मुहिम की शुरुआत की थी। वर्तमान में यह संगठन केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड और बिहार जैसे राज्यों में भी अपनी जड़ें जमा चुका है। संगठन की शक्ति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी सदस्यता संख्या 4,23,138 को पार कर गई है, जिसमें 3 लाख से अधिक सक्रिय सदस्य हैं।

करोड़ों की सहायता और भविष्य की योजनाएं
बैठक में आंकड़ों के जरिए संगठन की सफलता को साझा किया गया। बताया गया कि संगठन ने पहली सहायता राशि 7 लाख रुपये से शुरू की थी, जो सामूहिक सहयोग के माध्यम से अब 50 लाख रुपये प्रति परिवार तक पहुंच चुकी है। अब तक पूरे प्रदेश में 516 पीड़ित परिवारों को लगभग 9.97 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी है। इसके अलावा 'कन्यादान योजना' के माध्यम से 255 शिक्षकों की बेटियों के विवाह में सहयोग दिया गया है। जनपद चंदौली की बात करें तो यहाँ 4,941 शिक्षकों का पंजीकरण हो चुका है, जिसमें प्रमिला कुमारी, संतोष कुमार और कमलेश सिंह जैसे कई दिवंगत शिक्षकों के परिवारों को मदद दी जा चुकी है।

अन्य विभागों के लिए भी बढ़े कदम
टीएससीटी की अपार सफलता और पारदर्शी कार्यप्रणाली को देखते हुए अब अन्य विभागों के कर्मचारियों और निजी संस्थानों के लिए 'एनएससीटी' (NSCT) की शुरुआत की गई है। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षकों की तर्ज पर अन्य कर्मचारी भी इस मॉडल को अपनाकर अपना भविष्य सुरक्षित कर रहे हैं। बैठक में संरक्षक वीरेंद्र यादव, कमलेश साहनी, आनंद गुप्ता, मृत्युंजय यादव, देवन्त मौर्य और निशा चौरसिया सहित भारी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन धनंजय सिंह ने किया।