कर्मनाशा और चंद्रप्रभा के उफान का अभी भी असर, कई गांवों में जलभराव से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं

सिंचाई विभाग ने बांधों से पानी छोड़ना शुरू किया, जिसके कारण शहाबगंज, सदर, बरहनी सहित अन्य विकास क्षेत्र के कई गांवों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
 

बीते दो दिनों की मूसलाधार बारिश ने बढ़ाई चिंता

कर्मनाशा, चंद्रप्रभा और गड़ई नदी उफान पर

पुल और मुख्य मार्गों पर आवागमन बाधित

लोगों को परेशानी

चंदौली जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में बीते दो दिनों की मूसलाधार बारिश के कारण कर्मनाशा, चंद्रप्रभा और गड़ई नदियाँ उफान पर हैं। निचले इलाकों में जलभराव के कारण ग्रामीणों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। घरों में पानी भरने से जीवन यापन मुश्किल हो गया है, वहीं खेतों में जलभराव से धान की फसल को नुकसान होने की संभावना बढ़ गई है। जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है।

आपको बता दें कि जिले में अगस्त के दूसरे पखवाड़े में मानसून की सक्रियता कमजोर पड़ गई थी और सुबह से तेज धूप लोगों के लिए मुश्किलें पैदा कर रही थी। लेकिन शुक्रवार रात से पहाड़ी इलाकों में शुरू हुई मूसलाधार बारिश शनिवार को भी जारी रही। इससे मूसाखांड़, चंद्रप्रभा और अन्य जलाशय पानी से लबालब हो गए। सिंचाई विभाग ने बांधों से पानी छोड़ना शुरू किया, जिसके कारण शहाबगंज, सदर, बरहनी सहित अन्य विकास क्षेत्र के कई गांवों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई।

शहाबगंज के टीरो, सदर के घरौली, बरहनी के चिरईगांव सहित कई गांवों में पानी घुस गया। ग्रामीणों ने जैसे-तैसे अपने जीवन यापन की व्यवस्था की है, लेकिन जलभराव ने उनकी परेशानियों में काफी वृद्धि कर दी है। किसानों की चिंता सबसे अधिक है, क्योंकि खेतों में खड़ा पानी धान की फसल को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि आने वाले एक सप्ताह तक पानी बना रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है।

जलभराव के कारण आवागमन भी प्रभावित हुआ है। मूसाखांड़ बांध से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण पुल पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इससे जनपद के साथ-साथ बिहार प्रांत के लोगों को भी आवागमन में कठिनाई हो रही है। धरौली और बरहनी के कई गांवों में मुख्य मार्गों पर यातायात बाधित हो गया।

रविवार को बहेलियापुर बांध का तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे भभौरा गांव में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई। यहां पानी में लगभग 100 बीघा से अधिक धान की फसल डूब गई। जिला प्रशासन ने तुरंत बांध की मरम्मत कराने का कार्य शुरू कर दिया है और प्रभावित ग्रामीणों को राहत पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।

प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने कहा कि सभी प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेजी से जारी रहेंगे।