चकिया में 'जीरो प्रॉपर्टी' मॉडल कॉलोनी का आगाज: प्रभारी मंत्री ने 20 वनवासी परिवारों को सौंपी नए आशियाने की चाबियां

चंदौली के चकिया स्थित दिरेहू गांव में प्रभारी मंत्री संजीव गौड़ ने 'जीरो प्रॉपर्टी' मॉडल कॉलोनी का लोकार्पण किया। यहाँ 20 वनवासी परिवारों को न सिर्फ पक्का मकान मिला, बल्कि उन्हें 16 अलग-अलग सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ देकर आत्मनिर्भर बनाया गया है।

 

प्रभारी मंत्री संजीव गौड़ ने किया मॉडल कॉलोनी का लोकार्पण

20 वनवासी परिवारों को मिला पक्के मकान का मालिकाना हक

एक ही छत के नीचे 16 सरकारी योजनाओं का संगम

सीडीओ आर. जगत साईं की टीम को मिला प्रशस्ति पत्र

स्वरोजगार के लिए बकरी और मुर्गी पालन की सुविधा

उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री जीरो प्रॉपर्टी’ पहल के अंतर्गत चंदौली जिले ने एक नई मिसाल पेश की है। चकिया विकासखंड के दिरेहू गांव में नवनिर्मित मॉडल कॉलोनी का भव्य लोकार्पण प्रदेश के प्रभारी मंत्री संजीव कुमार गौड़ द्वारा किया गया। इस दौरान मंत्री ने 20 वनवासी परिवारों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपीं, जिससे उनके जीवन में खुशहाली का नया सवेरा हुआ है।

16 सरकारी योजनाओं का एक साथ लाभ
यह कॉलोनी केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों के सशक्तिकरण का केंद्र है। जिलाधिकारी के निर्देशन में तैयार इस मॉडल कॉलोनी में लाभार्थियों को कुल 16 योजनाओं से संतृप्त किया गया है। इसमें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, आयुष्मान कार्ड, निशुल्क विद्युत कनेक्शन और स्वच्छ पेयजल की सुविधा शामिल है। साथ ही, परिवारों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें बकरी पालन और मुर्गी पालन जैसी स्वरोजगार योजनाओं से भी जोड़ा गया है।

प्रभारी मंत्री ने की जिला प्रशासन की सराहना
लोकार्पण के बाद कॉलोनी का निरीक्षण करते हुए प्रभारी मंत्री संजीव गौड़ ने कहा, "चंदौली में तैयार यह मॉडल पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणा बनेगा। सरकार की मंशा है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ा जाए।" उन्होंने उत्कृष्ट समन्वय के लिए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) आर. जगत साईं और उनकी पूरी टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

टीम वर्क से साकार हुआ सपना
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना को सफल बनाने में राजस्व, पंचायती राज, विद्युत, पशुपालन, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास विभागों ने एक टीम के रूप में कार्य किया है। दिरेहू गांव की यह कॉलोनी अब आधुनिक सुविधाओं और स्वच्छता का प्रतीक बन गई है।

लाभार्थियों के खिले चेहरे
पक्के घर और बुनियादी सुविधाएं पाकर वनवासी परिवारों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लाभार्थियों ने जिला प्रशासन और सरकार का आभार जताते हुए कहा कि अब उनका जीवन सुरक्षित और सम्मानजनक हो गया है। खुले आसमान या कच्चे झोपड़ों के बजाय अब उनके पास अपना खुद का पक्का आशियाना और आजीविका के साधन उपलब्ध हैं।