पड़रिया प्राथमिक विद्यालय के लोकप्रिय शिक्षक मोहम्मद नईम का हार्ट अटैक से निधन

 

​चंदौली के प्राथमिक विद्यालय पड़रिया में तैनात सहायक अध्यापक मोहम्मद नईम का हार्ट अटैक से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से शिक्षा विभाग और शिक्षक समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है।

 
 

पडरिया प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक का निधन

​हार्ट अटैक से सहायक अध्यापक की मौत

​शहाबगंज और चंदौली शिक्षा जगत में शोक

​फतेहपुर के रहने वाले थे मोहम्मद नईम

​शिक्षकों और ग्रामीणों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

​चंदौली जिले के शहाबगंज क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। प्राथमिक विद्यालय पड़रिया में तैनात सहायक अध्यापक मोहम्मद नईम का गुरुवार को अचानक हृदयाघात (हार्ट अटैक) के कारण निधन हो गया। उनके असामयिक निधन की खबर जैसे ही फैली, पूरे शिक्षा विभाग, शिक्षक समुदाय और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।

​अस्पताल ले जाने से पहले ही थम गईं सांसें

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह अचानक उनकी तबीयत खराब होने लगी। परिजन कुछ समझ पाते और उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी करते, उससे पहले ही उनकी हृदय गति पूरी तरह रुक गई। डॉक्टरों द्वारा जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया, जिससे परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

​फतेहपुर के रहने वाले थे बेहद लोकप्रिय शिक्षक

​मूल रूप से फतेहपुर जिले के निवासी मोहम्मद नईम प्राथमिक विद्यालय पड़रिया में अपनी सेवाएं दे रहे थे। अपने बेहद शांत, सरल और मिलनसार स्वभाव के कारण वे न सिर्फ बच्चों के बीच प्रिय थे, बल्कि अभिभावकों और साथी शिक्षकों के बीच भी उनकी खास पहचान थी। वे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन और अच्छे संस्कार सिखाने पर काफी ध्यान देते थे।

​परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे लोग, दी श्रद्धांजलि

​शिक्षक मोहम्मद नईम के निधन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में साथी शिक्षक, शिक्षा विभाग के कर्मचारी, अधिकारी और क्षेत्रीय नागरिक उनके आवास पर पहुंचे। सभी ने शोकाकुल परिवार से मिलकर उनका ढांढस बंधाया और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

​अपूरणीय क्षति बताकर याद की गईं सेवाएं

​शिक्षक समुदाय ने उनके निधन को शिक्षा जगत के लिए एक बहुत बड़ी और कभी न पूरी होने वाली क्षति बताया। सहकर्मियों का कहना था कि मोहम्मद नईम की सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और बच्चों के प्रति उनका लगाव हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी कमी पूरे स्कूल और शिक्षक परिवार को लंबे समय तक खलेगी।