गोविंद उपाध्याय गिरफ्तारी मामला : आखिर कौन करता है पुलिस को गांजे-चोरी की गाड़ी-असलहे की सप्लाई
अपर पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह कर रहे हैं जांच
आखिर कौन करता है पुलिस को गांजे-चोरी की गाड़ी-असलहे की सप्लाई
इसकी होनी चाहिए जांच, सीओ साहब के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग
चंदौली जिले के धानापुर पुलिस द्वारा गोविंद उपाध्याय की गिरफ्तारी को लेकर मचे बवाल के बाद से धानापुर पुलिस के उपनिरीक्षक व फर्द में शामिल अन्य सिपाहियों के साथ साथ सीओ सकलडीहा की भूमिका की भी जांच होगी। अपर पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के द्वारा इस गिरफ्तारी में शामिल पुलिस के उपनिरीक्षक तथा सिपाहियों की जांच की जा रही है। इसके साथ साथ अब पुलिस क्षेत्राधिकारी की लापरवाही व अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन न करने की बात भी सामने आ रही है, जिससे वह भी जांच के लपेटे में आ रहे हैं।
धानापुर के थाना प्रभारी विपिन सिंह के निलंबन के साथ ही साथ इस बात पर सवाल उठाया जा रहा है कि पुलिस ने गोविंद उपाध्याय की गिरफ्तारी के दौरान जो गांजा, असलहा और चोरी की मोटरसाइकिल दिखाई थी, वह किसके द्वारा मैनेज की गई थी और पुलिस को गांजे-असलहे और चोरी की मोटरसाइकिलें सप्लाई करने वाले कौन कौन लोग हैं। पुलिस अवैध असलहे कहां से लाती है और किसी को अपराधी साबित करने के लिए गांजे और चोरी की गाड़ियों की व्यवस्था कैसे करती है।
सीओ की भूमिका भी होनी चाहिए जांच
इतना ही नहीं इस पूरी घटना में मीडिया के सामने बयान जारी करने वाले पुलिस क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार राय की भी जांच की मांग की जा रही है और कहा जा रहा है कि एक राजपत्रित अधिकारी के द्वारा इस पूरे मामले पर घोर लापरवाही बरती गई है और बिना तथ्यों को जांचे परखे उसे अपराधी बताकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके फोटो भी जारी कर दी। इतना ही नहीं खुद राजेश कुमार राय ने अपना रिकॉर्डेड वीडियो बयान जारी किया था, जिससे कहीं ना कहीं उनकी भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
तीन मुकदमे पहले भी रहे हैं दर्ज
आपको बता दें कि गोविंद उपाध्याय धानापुर के डबरिया गांव के पैगापुर का निवासी है। अभी तक के अपराधिक रिकार्डों के अनुसार उसके ऊपर इस घटना के पहले 3 मुकदमे दर्ज थे। गोविंद के खिलाफ 2017 में धानापुर थाने में चोरी का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें गोविंद के साथ दो और भी अभियुक्त बनाए गए थे। इसके बाद 2021 में धानापुर और चंदौली थाने में भी दो मुकदमे दर्ज हैं। इन्हीं तीन मुकदमा के आधार पर संभवत पुलिस ने यह कार्यवाही की है और 2023 में भी इसके खिलाफ गलत तरीके से गिरफ्तारी दिखाते हुए एक और मुकदमा धानापुर थाने में पंजीकृत कर लिया है।
एसपी से मिलेंगे परिजन
वैसे इतना सब होने के बाद भी पुलिस का दावा है कि गोविंद अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया करता था। फिलहाल वह सभी मामलों में जमानत पर है। इस बारे में गोविंद उपाध्याय के भाई का कहना है कि पुलिस ने उसे जबरदस्ती चोरी की गाड़ी और अवैध असलहे के साथ साथ गांजा का तस्कर बनाना चाह रही है। गिरफ्तार करके जो फर्जी मुकदमा लाद दिया है, उसके खिलाफ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करेंगे और इस तरह की कार्यवाही करने वाले सभी पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस क्षेत्राधिकारी के खिलाफ भी कार्यवाही की मांग उठाएंगे।
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