खाकी की ईमानदारी: एयरपोर्ट पर महिला का कीमती सामान भूलने पर CISF जवान ने पेश की मिसाल, सोशल मीडिया पर हुई सराहना
वाराणसी एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ जवान सुशील ने ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए महिला यात्री का छूटा हुआ कीमती सामान सुरक्षित वापस लौटाया। उनकी सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है।
सीआईएसएफ जवान सुशील की बेमिसाल ईमानदारी
महिला यात्री का कीमती सामान लौटाया
वाराणसी एयरपोर्ट पर सुरक्षाकर्मी की मुस्तैदी
सोशल मीडिया पर जवान का आभार
कर्तव्यनिष्ठा और भ्रष्टाचार मुक्त सेवा का संकल्प
आज के दौर में जहाँ भौतिकवाद हावी है, वहीं सुरक्षा बलों के जवान अपनी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। ताजा मामला वाराणसी एयरपोर्ट का है, जहाँ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान सुशील ने अपनी सतर्कता और ईमानदारी से न केवल एक महिला यात्री का कीमती सामान सुरक्षित बचाया, बल्कि विभाग का मान भी बढ़ाया।

सुरक्षा जांच के दौरान मिला लावारिस सामान
जानकारी के अनुसार, वाराणसी एयरपोर्ट पर सुरक्षा ड्यूटी के दौरान जवान सुशील की नजर एक लावारिस बैग पर पड़ी। उन्होंने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बैग की जांच की। जब यह स्पष्ट हो गया कि बैग में किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं है और यह किसी यात्री का छूटा हुआ सामान है, तो उन्होंने उच्च अधिकारियों को सूचित कर संबंधित महिला यात्री से संपर्क साधा। बैग में कीमती सामान और जरूरी दस्तावेज मौजूद थे।
महिला यात्री ने सोशल मीडिया पर जताया आभार
सामान सुरक्षित मिलने के बाद महिला यात्री की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने जवान सुशील के इस सराहनीय कार्य की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया। महिला यात्री ने कहा, "अपना जरूरी सामान सही-सलामत वापस मिलना किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। देश को सुशील जैसे ईमानदार और समर्पित जवानों की सख्त जरूरत है।"
मुंबई जाने वाले यात्रियों की भी की मदद
यह कोई पहला मामला नहीं है जब सुशील ने अपनी मुस्तैदी दिखाई हो। इसी तरह एक अन्य घटना में वाराणसी से मुंबई जा रहे कुछ यात्री अपना लगेज एयरपोर्ट पर ही भूल गए थे। ड्यूटी पर तैनात सुशील ने उस लगेज को भी सुरक्षित रखा और नियमानुसार यात्रियों तक पहुँचाने की प्रक्रिया शुरू की। यात्रियों द्वारा मिल रहे इस सकारात्मक फीडबैक ने सुरक्षा बलों के प्रति जनता के विश्वास को और मजबूत किया है।
कर्तव्य ही सर्वोपरि: जवान सुशील
अपनी इस उपलब्धि पर विनम्रता से बात करते हुए जवान सुशील का कहना है कि एक सुरक्षाकर्मी का सबसे बड़ा धर्म अपनी ड्यूटी पर समय से उपस्थित रहना और नियमों का कड़ाई से पालन करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिना अनुमति ड्यूटी छोड़ना, लापरवाही बरतना या किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार करना उनके सिद्धांतों के खिलाफ है। वे हमेशा चौकन्ना रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हैं ताकि यात्रियों की यात्रा सुखद और सुरक्षित बनी रहे।
जवान सुशील की यह ईमानदारी आज के युवाओं और अन्य सुरक्षाकर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।
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