Health Tips: बुढ़ापे में हड्डियों की कमजोरी होगी दूर; कसरत के बाद बस एक गिलास दूध फ्रैक्चर के खतरे को करेगा कम
जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए एक्सरसाइज के बाद दूध पीना वरदान साबित हो सकता है। यह न केवल हड्डियों को मजबूती देता है, बल्कि बुढ़ापे में होने वाले जानलेवा फ्रैक्चर से भी बचाता है।
वर्कआउट के बाद दूध पीने के लाभ
बुजुर्गों में फ्रैक्चर का खतरा होगा कम
हड्डियों की मजबूती के लिए प्रोटीन जरूरी
कैल्शियम अवशोषण बढ़ाता है गाय का दूध
आठ हफ्ते के शोध में दिखा असर
अक्सर देखा जाता है कि उम्र बढ़ने के साथ लोग शारीरिक सक्रियता और खान-पान में लापरवाही बरतने लगते हैं। इसका सीधा असर उनकी हड्डियों पर पड़ता है, जो धीरे-धीरे कमजोर और भुरभुरी होने लगती हैं। लेकिन हाल ही में चीनी वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक शोध ने बुजुर्गों के लिए आशा की नई किरण जगाई है। 'जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन, हेल्थ एंड एजिंग' में प्रकाशित इस रिपोर्ट के अनुसार, वर्कआउट के बाद दूध पीने की एक छोटी सी आदत बुढ़ापे में हड्डियों को टूटने से बचाने में क्रांतिकारी भूमिका निभा सकती है।

क्या कहती है वैज्ञानिकों की रिपोर्ट?
वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में पाया कि प्रोटीन केवल मांसपेशियों के लिए ही नहीं, बल्कि हड्डियों के घनत्व (Density) के लिए भी अनिवार्य है। दूध में मौजूद प्रोटीन शरीर में कैल्शियम के अवशोषण की प्रक्रिया को तेज कर देता है। कैल्शियम वह मुख्य खनिज है जो हड्डियों को ठोस और मजबूत बनाता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यदि बुजुर्ग कसरत के बाद प्रोटीन युक्त पेय जैसे दूध का सेवन करते हैं, तो गिरने या चोट लगने की स्थिति में जानलेवा फ्रैक्चर का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है।
ऐसे किया गया 82 बुजुर्गों पर परीक्षण
इस अध्ययन को पुख्ता बनाने के लिए 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के 82 स्वस्थ वयस्कों को शामिल किया गया। इन प्रतिभागियों को आठ हफ्तों तक रेजिस्टेंस और बैलेंस ट्रेनिंग के सत्र दिए गए। परीक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अलग-अलग समूहों में बांटा गया। एक समूह केवल कसरत करता था, जबकि अन्य दो समूहों को कसरत के बाद क्रमश: गाय का दूध और सोया दूध दिया गया।
प्रयोग के दौरान गाय का दूध पीने वाले समूह को वर्कआउट के एक घंटे बाद 240 एमएल लो-फैट दूध दिया गया। प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का संतुलन बनाए रखने के लिए उन्हें उबले हुए शकरकंद भी खिलाए गए।
गाय का दूध निकला सबसे असरदार
आठ सप्ताह के इस निरंतर कार्यक्रम के बाद चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। शोध में पाया गया कि जिन लोगों ने कसरत के बाद गाय का दूध पिया था, उनकी हड्डियों की मजबूती अन्य समूहों की तुलना में काफी अधिक बढ़ गई थी। वे न केवल अधिक चपल और सक्रिय नजर आए, बल्कि उनके शारीरिक मेटाबॉलिज्म में भी सकारात्मक सुधार देखा गया।
वैज्ञानिकों ने इस शोध के आधार पर निष्कर्ष निकाला है कि बढ़ती उम्र में केवल कसरत करना पर्याप्त नहीं है। कसरत के बाद शरीर को सही पोषण, विशेषकर गाय का दूध देना, हड्डियों की कमजोरी (ऑस्टियोपोरोसिस) को रोकने का सबसे सरल और सस्ता तरीका है। यह न केवल हड्डियों को टूटने से बचाता है, बल्कि बढ़ती उम्र में व्यक्ति को आत्मनिर्भर और सक्रिय बनाए रखने में भी मदद करता है।
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