ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट का चौथे राष्ट्रीय अधिवेशन, अजय राय कर रहे चंदौली में प्रचार
'जन लोकतंत्र' और 'समावेशी राष्ट्रवाद' की जरूरत
अजय राय ने की AIPF के राष्ट्रीय अधिवेशन में चलने की अपील
आर्थिक असमानता और बेरोजगारी पर होगी चर्चा
चंदौली जिले में ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (एआईपीएफ) ने अपने चौथे राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह अधिवेशन 7-8 दिसंबर को दिल्ली के सुरजीत भवन में आयोजित किया जाएगा। इस बारे में जानकारी देते हुए एआईपीएफ के राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य अजय राय ने बताया कि अधिवेशन का मुख्य फोकस संविधान की रक्षा, आजीविका, सामाजिक अधिकार और समावेशी राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों पर रहेगा।

'संविधान की रक्षा आज का सबसे बड़ा सवाल'
अजय राय ने कहा कि आज संविधान की रक्षा का सवाल सबसे महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) जैसी प्रक्रियाओं के जरिए हर नागरिक के वोट देने के संवैधानिक अधिकार को छीनने की कोशिश की जा रही है। राय ने कहा कि स्वतंत्रता, समानता, न्याय, बंधुत्व और धर्मनिरपेक्षता जैसे संविधान के मूलभूत सिद्धांतों पर हमला हो रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि समाज का एक बड़ा वर्ग अभी भी सामाजिक अधिकारों से वंचित है। जस्टिस रोहिणी कमीशन की 2017 की रिपोर्ट को अब तक संसद में नहीं रखा गया है, जो अति पिछड़े समुदायों के आरक्षण से संबंधित है। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि एससी-एसटी सब-प्लान का पैसा कॉरपोरेट जगत पर खर्च किया जा रहा है और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मद में बहुत कम आवंटन किया गया है। एआईपीएफ ने एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक और महिलाओं के विकास के लिए बजट में सब-प्लान और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की बात उठाई है।

आर्थिक असमानता और बेरोजगारी पर चिंता
एआईपीएफ के सदस्य अजय राय और अखिलेश दूबे ने देश में बढ़ती आर्थिक असमानता पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश की 40% संपत्ति केवल 1% धनी घरानों के पास है। लोगों की क्रय शक्ति घट गई है और एक रिपोर्ट के अनुसार, 100 करोड़ लोग उपभोक्ता बाजार से बाहर हैं। उन्होंने जोर दिया कि बेरोजगारी और आजीविका की समस्या को हल किए बिना विकास संभव नहीं है।
एआईपीएफ ने प्रस्ताव दिया है कि देश के 200 सबसे बड़े कॉरपोरेट घरानों पर उचित टैक्स लगाकर हर नागरिक को रोजगार, मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, भोजन और पेंशन का संवैधानिक अधिकार दिया जाना चाहिए।
'घृणा के खिलाफ समावेशी राष्ट्रवाद जरूरी'
अजय राय ने कहा कि घृणा और विभाजनकारी सांप्रदायिक राष्ट्रवाद की जगह, देश को आजादी के आंदोलन से निकले समावेशी राष्ट्रवाद की जरूरत है। उन्होंने देश से प्यार करने वाले हर नागरिक से हिंदुत्व-कॉरपोरेट गठजोड़ के खिलाफ खड़े होने की अपील की। राय ने कहा कि राजनीतिक लोकतंत्र तभी बचेगा जब सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र प्रदान करने वाला 'जन लोकतंत्र' कायम किया जाएगा।
एआईपीएफ ने अपने संगठन में भी एक अभिनव प्रयोग किया है, जिसके तहत मूलभूत सिद्धांतों से सहमत रहते हुए संगठन के अंदर विरोध पक्ष बनाने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा, निचली इकाइयों को भी पूर्ण स्वायत्तता दी गई है। उन्होंने सभी से एआईपीएफ के राष्ट्रीय अधिवेशन को सफल बनाने की अपील की है।
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