क्या सोने-चांदी की कीमतों में फिर आएगा तूफान..? एक्सपर्ट्स ने बता दिया 2026 के लिए कीमती धातुओं का भविष्यफल
वर्ष 2025 में निवेशकों को मालामाल करने के बाद क्या 2026 में भी सोना-चांदी रिकॉर्ड तोड़ेंगे? एक्सपर्ट नैनेश पच्चीगर के अनुसार, वैश्विक तनाव के बीच सोना $5000 और चांदी $85 तक जा सकती है। जानिए निवेश की पूरी रणनीति।
सोने में 16 प्रतिशत तेजी का अनुमान
चांदी के $85 प्रति औंस जाने के आसार
2025 में चांदी ने दिया 140% रिटर्न
लैब निर्मित हीरों की बढ़ती वैश्विक मांग
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मजबूत पकड़
वर्ष 2025 कीमती धातुओं के लिए ऐतिहासिक रूप से लाभदायक रहा है। सोने और चांदी ने निवेशकों को ऐसा रिटर्न दिया है जिसकी कल्पना कम ही लोगों ने की थी। अब जब हम साल 2026 में प्रवेश कर चुके हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बुलियन मार्केट की यह तूफानी रफ्तार बरकरार रहेगी या कीमतों में कोई सुधार (Correction) देखने को मिलेगा।

2025 का सफर: जब चांदी ने सबको चौंकाया
बीता साल यानी 2025 निवेशकों के लिए स्वर्ण युग जैसा रहा। इस अवधि के दौरान सोने ने लगभग 65 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया, लेकिन असली बाजी चांदी ने मारी। चांदी की कीमतों में 140 प्रतिशत से अधिक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी टैरिफ नीतियों और विभिन्न देशों के बीच जारी व्यापारिक युद्ध ने इन कीमती धातुओं को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में स्थापित कर दिया।
सोने के लिए $5000 का लक्ष्य
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) गुजरात के अध्यक्ष नैनेश पच्चीगर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि सोने में मजबूती का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, "वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,300 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए यह आसानी से 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू सकता है।" अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो सोने में मौजूदा स्तरों से 16 प्रतिशत यानी करीब 700 डॉलर प्रति औंस की और तेजी देखने को मिल सकती है।
चांदी में 20 प्रतिशत और उछाल की उम्मीद
चांदी के भविष्य पर चर्चा करते हुए पच्चीगर ने सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने अनुमान जताया कि औद्योगिक मांग और निवेश के आकर्षण के कारण चांदी 85 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है। अभी चांदी 70 डॉलर के आसपास है, जिसका अर्थ है कि इसमें इस साल भी लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना बनी हुई है।
डायमंड मार्केट: लैब-ग्रोन हीरों का दबदबा
हीरा बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पच्चीगर के अनुसार, पूरी दुनिया में 'लैब-ग्रोन' (प्रयोगशाला में निर्मित) हीरों की मांग प्राकृतिक हीरों की तुलना में काफी बढ़ गई है। इसका मुख्य कारण इनका किफायती होना और प्राकृतिक हीरों जैसा ही आकर्षण होना है। हालांकि, उनका यह भी मानना है कि प्राकृतिक हीरों की मांग अभी 3-4 वर्षों तक सीमित रहेगी, लेकिन उसके बाद एक बार फिर लोग दुर्लभ प्राकृतिक हीरों की ओर रुख कर सकते हैं।
कुल मिलाकर देखा जाए तो, साल 2026 कीमती धातुओं के लिए मजबूती का साल रहने वाला है। वैश्विक अस्थिरता और मुद्राओं में उतार-चढ़ाव सोने और चांदी को और अधिक मजबूती प्रदान कर रहे हैं। निवेशकों के लिए सलाह यही है कि वे बाजार की गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाएं।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*







