जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime

हाथ में दर्द से चेहरा पीला पड़ने तक, हार्ट अटैक के इन शुरुआती संकेतों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

तेजी से बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसके शुरुआती संकेतों को लेकर सचेत किया है। सीने में जकड़न, बाएं हाथ में दर्द और ठंडा पसीना आने जैसे लक्षणों को पहचानकर कैसे बचाई जा सकती है जान, पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

 
 

सीने से बाएं हाथ तक फैल सकता है दर्द

अचानक सांस फूलना और ठंडा पसीना आना संकेत

महिलाओं और बुजुर्गों में दिख सकते हैं अलग लक्षण

5 मिनट से ज्यादा परेशानी पर तुरंत लें डॉक्टरी मदद

संतुलित आहार और 30 मिनट का व्यायाम जरूरी

आज के दौर में दिल से संबंधित बीमारियां बेहद तेजी से पैर पसार रही हैं, जिसके चलते हार्ट अटैक के मामलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही दिल का दौरा अचानक आता हुआ प्रतीत होता है, लेकिन अधिकांश मामलों में हमारा शरीर पहले से ही कुछ खास चेतावनी संकेत देने लगता है। यदि इन लक्षणों को समय रहते गंभीरता से पहचान लिया जाए और बिना देरी किए तुरंत इलाज शुरू हो, तो मरीज को मौत के मुंह से बाहर निकाला जा सकता है।

heart-attack-early-symptoms-and-prevention-tips-health-news

इन सामान्य और गंभीर लक्षणों को पहचानना जरूरी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, लोगों को दिल के दौरे के शुरुआती लक्षणों के प्रति जागरूक करना बेहद आवश्यक है। इसका सबसे प्रमुख और सामान्य लक्षण सीने में तेज दर्द, असहज दबाव या भारी जकड़न महसूस होना है। कई बार यह तीव्र दर्द केवल छाती तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि यह धीरे-धीरे हाथों (विशेष रूप से बाएं हाथ), कंधों, गर्दन, जबड़े, पीठ या कोहनी तक फैल जाता है। इसके अलावा अचानक सांस फूलना, मतली होना, उल्टी आना या पेट में बेचैनी होना भी इसके लक्षण हैं।

ठंडा पसीना और चेहरे का पीला पड़ना भी बड़ी चेतावनी
चिकित्सकों के मुताबिक, बिना किसी कड़े शारीरिक परिश्रम के अचानक शरीर से ठंडा पसीना छूटना, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी महसूस होना और चेहरे का रंग पीला पड़ जाना अत्यंत गंभीर संकेत माने जाते हैं। चिंता की बात यह है कि महिलाओं और बुजुर्गों में ये पारंपरिक लक्षण हमेशा सामान्य रूप से दिखाई नहीं देते, जिससे उनके लिए जोखिम और अधिक बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इनमें से कोई भी असहज करने वाली परेशानी लगातार पांच मिनट से अधिक समय तक बनी रहे, तो बिना एक पल गंवाए तुरंत नजदीकी अस्पताल से चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।

स्वस्थ दिनचर्या और नियमित जांच ही असली बचाव
राहत की बात यह है कि सही जागरूकता और अनुशासित दिनचर्या अपनाकर हार्ट अटैक के इस जानलेवा खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए डॉक्टरों ने प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट तक टहलने या व्यायाम करने की सलाह दी है। भोजन में फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और कम वसा वाले पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए, जबकि अत्यधिक नमक, चीनी और तैलीय-फास्ट फूड से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए।

इसके साथ ही, धूम्रपान और शराब के सेवन से परहेज, वजन पर नियंत्रण तथा योग व ध्यान के जरिए तनाव को कम करके हृदय को सुरक्षित रखा जा सकता है। विशेष रूप से 30 वर्ष की आयु पार करने के बाद प्रत्येक व्यक्ति को समय-समय पर अपने ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर की नियमित जांच करवानी चाहिए ताकि किसी भी हृदय संबंधी जोखिम की समय रहते पहचान की जा सके।

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*