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राजकीय स्कूलों में अब 210 घंटे का कौशल प्रशिक्षण, छात्रों को सिखाई जाएगी अंग्रेजी बोलचाल और इंडस्ट्री विजिट अनिवार्य

अभी तक कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को 400 घंटे का कौशल प्रशिक्षण एक वर्ष में पूरा करना होता था, जो परीक्षाओं और अवकाशों के कारण मुश्किल साबित हो रहा था।
 

400 घंटे से घटाकर अब सिर्फ 210 घंटे

मुख्य ट्रेड में 150 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य

30 घंटे सॉफ्ट स्किल और इंग्लिश स्पीकिंग के लिए एक अच्छी पहल

उत्तर प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अब कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम और अधिक व्यावहारिक एवं आसान बना दिया गया है। पहले एक वर्ष में 400 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य था, जिसे घटाकर अब 210 घंटे कर दिया गया है। इसमें 150 घंटे मुख्य ट्रेड, 30 घंटे सॉफ्ट स्किल और 30 घंटे उद्योग भ्रमण शामिल होंगे।

कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक पुल्कित खरे की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सेक्टर स्किल काउंसिल के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में तय किया गया कि वर्ष 2025-26 से छात्रों को सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग के तहत इंग्लिश स्पीकिंग, टाइम मैनेजमेंट और बायोडाटा तैयार करने की ट्रेनिंग दी जाएगी।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हर विद्यार्थी को साल भर में कम से कम एक उद्योग भ्रमण करना अनिवार्य होगा। भ्रमण के दौरान छात्रों को तस्वीरें व सेल्फी लेकर साझा करनी होंगी, तभी प्रशिक्षण पार्टनर को भुगतान किया जाएगा।

अभी तक कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को 400 घंटे का कौशल प्रशिक्षण एक वर्ष में पूरा करना होता था, जो परीक्षाओं और अवकाशों के कारण मुश्किल साबित हो रहा था। कई बार छात्रों को अगले वर्ष पुराने घंटों की भरपाई करनी पड़ती थी। अब 210 घंटे का नया ढांचा विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के लिए सुविधाजनक होगा।

वर्तमान में प्रोजेक्ट प्रवीण केवल 500 राजकीय माध्यमिक स्कूलों में चल रहा है। अब इसे बढ़ाकर एक हजार विद्यालयों में लागू किया जाएगा। इस बदलाव से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव मिल सकेगा।

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