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भारत सरकार की राष्ट्रीय कला एवं संस्कृत मंत्रालय करेगा आयोजन, पुरातत्व सहित विभिन्न क्षेत्रों में होगा कार्य
 उन्होंने कहा बीते एक सप्ताह के घुरहूपुर, रतनपुरवां, खरौली, तेनुई, ताला, नसोपुर, अर्जी कलां, राजदरी, देवदरी, भटवारा खुर्द आदि जगहों पर शैल कला पर अध्ययन किया गया है। वहीं भटवारा खुर्द में शैल कला के नए साक्ष्य मिले हैं।
 

23 सितंबर को 3 बजे घुरहूपुर में होगा जागरूकता कार्यक्रम

मौके पर रहेंगे विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ


 चंदौली जिला में भारत सरकार की उत्कृष्ट संस्था इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र एवं संस्कृत मंत्रालय के तत्वावधान में प्राचीन भारतीय इतिहास संस्कृत एवं पुरातत्व विभाग की संयुक्त टीम ने इन दिनों एक दर्जन से अधिक शैल चित्र, जनजाति अध्ययन तथा पर्यावरण अध्ययन पर कार्य कर रही है।

 आपको बता दें कि वाराणसी के डीएवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पुरातत्वविद एवं शैलकला विशेषज्ञ डॉ ओम प्रकाश कुमार ने सैदूपुर में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि विभिन्न क्षेत्रों की संयुक्त टीम द्वारा चंदौली जिला के क्षेत्रों पर अध्ययन तथा अभिलेखन के लिए एक परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य पूर्वजों की इस शैलकला रूपी धरोहर को भविष्य के लिए संरक्षित एवं संयोजित किया जाना है। 

डॉक्टर ओम प्रकाश कुमार ने कहा कि बीते 14 सितंबर से चकिया इलाके में इन शैल चित्रों के अध्ययन का कार्य बहु विषयक विशेषज्ञ की टीम द्वारा किया जा रहा है। टीम में तीनों संस्थाओं एवं बी एच यू के विशेषज्ञ सम्मिलित है। टीम में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के आदि दृश्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ रमाशंकर पंत, अनुसंधान अधिकारी डॉ दिलीप कुमार संत, प्रोजेक्ट एसोसिएट डॉ प्रवीण सीके, बसंत महिला महाविद्यालय के भूगर्भ विज्ञान के प्रोफेसर डॉक्टर राजीव जायसवाल, बीएचयू के प्रोफेसर यूके शुक्ला तथा चित्रकार सदस्य निथिलेश प्रजापति एवं गौतम विश्वकर्मा सम्मिलित हैं।

   उन्होंने कहा बीते एक सप्ताह के घुरहूपुर, रतनपुरवां, खरौली, तेनुई, ताला, नसोपुर, अर्जी कलां, राजदरी, देवदरी, भटवारा खुर्द आदि जगहों पर शैल कला पर अध्ययन किया गया है। वहीं भटवारा खुर्द में शैल कला के नए साक्ष्य मिले हैं। इसके अलावा वनभीषमपुर में जनजाति अध्ययन, चंद्रप्रभा में पर्यावरणीय अध्ययन किया गया है।

   डॉक्टर ओम प्रकाश कुमार ने बताया कि शैल चित्रों को स्थानीय प्रदान करने के लिए 23 सितंबर को दिन में 3 बजे घुरहूपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया है। जिसमें स्थानीय ग्रामीण, जन प्रतिनिधि, छात्र आदि सम्मिलित होंगे। जिसके मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी ज्वाला प्रसाद रहेंगे।

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