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सोते मिले शिक्षामित्र के वायरल वीडियो के बाद गोलमोल जवाब दे रहे BEO अरविंद यादव, ऐसे कर रहे बचाव
चंदौली जिला के शहाबगंज विकासखंड अंतर्गत बरियारपुर ग्राम स्थित प्राथमिक विद्यालय में कुर्सी पर सोते मिले शिक्षामित्र के वायरल वीडियो के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में खलबली मची हुई है।
 

कुर्सी पर सोने वाले शिक्षामित्र की जांच की जाएगी

विद्यालय में पहुंचे लगभग आधा दर्जन बच्चे इधर उधर खेलते रहे

 चंदौली जिला के शहाबगंज विकासखंड अंतर्गत बरियारपुर ग्राम स्थित प्राथमिक विद्यालय में कुर्सी पर सोते मिले शिक्षामित्र के वायरल वीडियो के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में खलबली मची हुई है। वायरल वीडियो के संदर्भ में खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि विद्यालय खुलने के बाद प्रधानाध्यापक गांव में बच्चों को बुलाने गए थे, वहीं कुर्सी पर सोने वाले शिक्षामित्र की जांच की जाएगी। 

BEO Arvind Yadav Sleeping Shikshamitra

बताते चलें कि कि सोमवार को बरियारपुर गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय खुलने के बाद सुबह 8 बजे एकमात्र शिक्षामित्र विद्यालय पहुंचे और जाते ही कुछ देर तक कुर्सी पर बैठने के बाद वह सो गए और खर्राटे मार रहे थे। जबकि विद्यालय में पहुंचे लगभग आधा दर्जन बच्चे इधर उधर खेलते रहे। 

  अभिभावक कहते हैं कि इस विद्यालय में शिक्षकों की लापरवाही के चलते विद्यालय में पढ़ाई नहीं हो पा रही है, जिससे बच्चे धीरे-धीरे विद्यालय आना छोड़ दिये हैं। ग्रामीण बताते हैं कि सिर्फ मिड डे मील के तहत मिलने वाले भोजन के समय बच्चे विद्यालय पहुंच जाते हैं और भोजन करने के बाद फिर घर को लौट चलते हैं। विद्यालय में शिक्षकों को बच्चों की पढ़ाई से कोई लेना देना नहीं है। विद्यालय में प्रधानाध्यापक धीरेंद्र प्रताप सिंह के अलावा 3 सहायक अध्यापक सुजीत कुमार सिंह, सुजीत कुमार यादव, शिवदयाल तथा 3 शिक्षामित्रों की नियुक्ति है।

 जबकि सोमवार को विद्यालय खुलने के बाद सुबह 8 बजे तक मात्र एक शिक्षा मित्र विनोद कुमार पहुंचकर विद्यालय खोलने के बाद कुर्सी पर बैठ कर सो गए। वहीं 140 बच्चों में मात्र आधा दर्जन बच्चे ही विद्यालय में मौजूद रहे। शासन द्वारा प्राथमिक विद्यालयों की दशा को सुधारने के लिए तमाम कवायद की जा रही है कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों की हालत को सुधारने के लिए लाखों लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। बावजूद शिक्षकों की रवैया में कोई सुधार नहीं आ रहा है जबकि विभाग द्वारा शिक्षकों को वेतन के रूप में मोटी रकम दी जा रही है।

    इस संदर्भ में खंड शिक्षा अधिकारी अरविंद यादव विद्यालय के शिक्षकों का बचाव करते देखे गए उनका कहना है कि वायरल वीडियो के बारे में प्रधानाध्यापक धीरेंद्र प्रताप से उनकी बात हुई है विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति कम रहने के कारण वह गांव में बच्चों को बुलाने गए थे उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो की जांच करने के लिए उन्हें निर्देश प्राप्त हुआ है मामले की जांचकर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।