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नदी में मगरमच्छों का झुंड देख भाग खड़े हुए सफाईकर्मी, आंदोलन के मूड में ग्रामीण
चकिया कोतवाली क्षेत्र के विजयपुरवा गांव के पास चंद्रप्रभा नदी में मगरमच्छ के हमले में चंदन की हुई मौत के बाद ग्रामीणों की मांग और उपजिलाधिकारी के आदेश पर रविवार को सफाई शुरू हुई। इस दौरान मगरमच्छों के झुंड को देखकर काम में लगाए गए सफाईकर्मी भाग खड़े हुए
 

मगरमच्छों के झुंड को देखकर काम में लगाए गए सफाईकर्मी भाग खड़े हुए

पोकलेन की मदद से नदी की सफाई कराने का ग्रामीणों को आश्वासन दिया

चकिया कोतवाली क्षेत्र के विजयपुरवा गांव के पास चंद्रप्रभा नदी में मगरमच्छ के हमले में चंदन की हुई मौत के बाद ग्रामीणों की मांग और उपजिलाधिकारी के आदेश पर रविवार को सफाई शुरू हुई। इस दौरान मगरमच्छों के झुंड को देखकर काम में लगाए गए सफाईकर्मी भाग खड़े हुए। उधर, सफाई न होने से फिर ग्रामीण धरने देने की तैयारी करने लगे। इसकी जानकारी होते ही तहसीलदार मौके पर पहुंचे और पोकलेन की मदद से नदी की सफाई कराने का ग्रामीणों को आश्वासन दिया।

आपको याद होगा कि पिछले दिनों मगरमच्छ के हमले से चंद्रप्रभा नदी में नहा रहे एक बालक की मौत हो गई थी। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से इस नदी की सफाई कराने की मांग की। मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक व अधिकारियों ने उन्हें सफाई कराने का आश्वासन दिया था। 

रविवार को बीडीओ रविंद्र प्रताप यादव ने 60 सफाई कर्मियों की टीम का रोस्टर बनाकर विजयपुरवा गांव में चंद्रप्रभा नदी की सफाई के लिए मौके पर भेजा था। सफाई कर्मियों ने जैसे ही सदाबहार और जलकुंभी की सफाई करनी प्रारंभ की वैसे ही नदी के दह से निकलकर मगरमच्छों का झुंड पानी में विचरण करने लगा। आधा दर्जन से अधिक मगरमच्छों को एक साथ पानी में देखकर घबराए सफाई कर्मी तुरंत जान बचाते हुए नदी किनारे सुरक्षित स्थान पर भाग खड़े हुए। 

मौके पर काम कर रहे सफाईकर्मियों ने बताया कि जब तक मगरमच्छ नदी में रहेंगे, तब तक सफाई कर पाना संभव नहीं है। उधर, तहसील प्रशासन से जुड़े अधिकारियों के आश्वासन के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं होता देख मौके पर मौजूद ग्रामीण आक्रोशित हो गए और धरने प्रदर्शन की रणनीति बनाने लगे। 

कहा जा रहा है कि मामले की जानकारी होते ही अपना दल (एस) की नेता संजू पटेल मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। सूचना मिलते ही तहसीलदार आलोक कुमार राजस्व कर्मियों की टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंच गए। जहां आक्रोशित ग्रामीणों को जल्द ही पोकलेन की मदद से नदी की सफाई कराने का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीण शांत हुए। 

वहीं मृतक छात्र चंदन के पिता मुन्ना विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी नदी में मगरमच्छ पकड़ने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। न ही अब तक मुआवजा की कोई कार्यवाही की जा रही है।