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मोदी सरकार एम एस पी गारंटी कानून बनाने में कर रही वादाखिलाफी : संयुक्त किसान मोर्चा
पूरे देश के किसानों ने 31 जनवरी को विश्वासघात दिवस मनाया था। और हर जिले से राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के नाम ज्ञापन भेजा था। अफसोस है कि ज्ञापन से अब तक सात महीने बीत गए लेकिन किसानों की कोई सुनवाई नहीं हुई।
 

शहीद उधमसिंह की शहादत दिवस पर धरना

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के नाम सौंपा ज्ञापन

एमएसपी की गारंटी का कानून बनाने की मांग

चंदौली जिला के चकिया गांधी पार्क में संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर शहीद उधमसिंह की शहादत दिवस  पर रविवार को धरना दिया तथा राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा दिया दिया।

इस दौरान गांधी पार्क में हुई सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा एम एस पी पर गठित कमेटी को तत्काल भंग करते हुए जनपक्षीय एवं किसान हितैषी कमेटी के गठन एवं एमएसपी की गारंटी का कानून बनाए। क्रांतिकारी उधमसिंह की शहादत दिवस पर आज इस ज्ञापन के जरिए हम आप तक केन्द्र सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में किसानों का रोष पहुँचाना चाहते हैं।

 आपको मालूम होगा जबसे संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार के आश्वासन पर भरोसा कर दिल्ली बार्डर से अपने मोर्चे उठाने का ऐलान किया था  उसके बाद से सरकार अपने वादों से लगातार मुकर ही नहीं रही बल्कि आन्दोलन में शामिल किसानों के खिलाफ शत्रु जैसा व्यवहार करते हुए नित नए किसान विरोधी फैसले कर जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। इसीलिए पूरे देश के किसानों ने 31 जनवरी को विश्वासघात दिवस मनाया था। और हर जिले से राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के नाम ज्ञापन भेजा था। अफसोस है कि ज्ञापन से अब तक सात महीने बीत गए लेकिन किसानों की कोई सुनवाई नहीं हुई।

 मानसून सत्र से पहले केन्द्र सरकार ने एम एस पी पर किसान विरोधी और अर्थहीन कमेटी की घोषणा की। ,सरकार द्वारा गठित इस कमेटी से किसानों के एकबार फिर धोखा हुआ है, जिसके प्रति नाराजगी है कि -  कमेटी के अध्यक्ष पूर्व कृषि सचिव संजय अग्रवाल हैं जिन्होंने तीनों किसान विरोधी कानून बनाए। उनके साथ नीति आयोग के सदस्य रमेशचन्द्र भी हैं जो तीनों कानूनों के मुख्य पैरोकार हैं। 

कमेटी में संयुक्त किसान मोर्चा के केवल तीन सदस्यों को रखे जाने का प्रावधान बनाकर एक बार फिर आंदोलन कर रहे किसानों के साथ विश्वासघात किया है।  कमेटी में शामिल किसान नेताओं के नाम पर किसान विरोधी कानूनों के पक्ष में खुलकर बोलने वालों और किसान आंदोलन के खिलाफ जहर उगलने का काम करने वालों को शामिल किया है। मगर उसमें एम एस पी पर कानून बनाने का जिक्र तक नहीं है। 
   
 धरना में अखिल भारतीय किसान सभा जिला अध्यक्ष परमानन्द कुशवाहा, किसान नेता शम्भू नाथ यादव, उत्तर प्रदेश किसान सभा के नेता शुकदेव मिश्रा, मजदूर किसान मंच के जिला प्रभारी अजय राय, लालचंद यादव, रामनिवास पाण्डेय, शिवमुरत राम,  भृगु नाथ विश्वकर्मा, जयनाथ, सिपाही चौहान, नरोत्तम चौहान, सिराजुल हक सहित कई लोग शामिल रहें।

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