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भाजपा को महिला सम्मान पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं, अजय राय पेश किया राजनीतिक प्रस्ताव

भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने परिसीमन की शर्त लगाकर संसद और विधानसभा में मिलने वाले महिला आरक्षण को अनिश्चित काल के लिए लटका दिया है।
 

ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट  की मीटिंग

चुनाव  को लेकर राजनीतिक प्रस्ताव पारित

बोले- राबर्ट्सगंज लोकसभा और दुध्दी विधानसभा चुनाव में हराएं

चंदौली जिले के चकिया में ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट की राज्य कार्य  समिति के सदस्य अजय राय ने सोनभद्र जिला कमेटी व चकिया तहसील कमेटी द्वारा लिए गए राजनीतिक प्रस्ताव के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी को महिला उत्थान और सम्मान पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। दुद्धी में पास्को के आरोपी बलात्कारी व्यक्ति को विधायक बनाकर उपचुनाव थोपने का काम भाजपा ने किया है। सिर्फ यही नहीं जम्मू कश्मीर के कठुआ से लेकर कुलदीप सेंगर, गुजरात की बिलकिस बानो के बलात्कारियों को रिहा करने जैसे तमाम मामलों में संरक्षण देने का काम भारतीय जनता पार्टी ने किया है। इसलिए इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और उनके सहयोगियों के प्रत्याशियों को हराना राजनीतिक दायित्व है।

उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने परिसीमन की शर्त लगाकर संसद और विधानसभा में मिलने वाले महिला आरक्षण को अनिश्चित काल के लिए लटका दिया है। यही नहीं जो इसका नाम बदलकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम किया गया है वह भी महिला विरोधी आरएसएस बीजेपी की विचारधारा को दिखाता है।

 प्रस्ताव में कहा गया है कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार महिला हिंसा के मामले में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर आता है। इसके बावजूद महिलाओं की सुरक्षा, स्वाभिमान और सम्मान के लिए चलाई जा रही 181 वीमेन हेल्पलाइन योजना को भी सरकार ने बंद कर दिया है और उसमें काम करने वाली सैकडों महिलाओं को रोजगार से वंचित कर दिया गया है। इसी प्रकार महिलाओं और लड़कियों को कुपोषण से बचाने वाली आईसीडीएस स्कीम पर बजट को लगातार घटाने का काम किया गया है। लाखों महिलाएं बेहद कम मानदेय पर आशा, आंगनबाड़ी और रसोइया के बतौर काम कर रही हैं लेकिन उनके मानदेय को बढ़ाने के सवाल पर भाजपा के संकल्प पत्र में मोदी की गारंटी बिल्कुल मौन है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि मोदी सरकार द्वारा लखपति दीदी बनाने का दावा भी जमीनी स्तर पर जुमला ही बनकर रह गया है। तमाम गांव का दौरा करने और सर्वे करने के बाद यह पाया गया कि लगभग बहुत जगह मोदी जी की बनाई हुई लखपति दीदी दिखाई नहीं देती। सरकारी महिला स्वयं सहायता समूहों को भी जो कर्ज भी दिया जा रहा है उस पर 12 प्रतिशत ब्याज की वसूली की जा रही है जो कि आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए दे पाना बहुत मुश्किल है। यही नहीं बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा शिकार अगर कोई तबका हो रहा है तो वह समाज की उत्पीड़ित महिलाएं ही हैं। महंगाई से महिलाएं कुपोषण का शिकार हो रही हैं।

इसलिए प्रस्ताव में महिलाओं से अपील की गई है कि भारतीय जनता पार्टी और उनके सहयोगियों को राबर्ट्सगंज लोकसभा और दुध्दी विधानसभा चुनाव में हराएं।

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