आंधी और आग के तांडव ने उजाड़ी गरीब की गृहस्थी, बनरसिया गांव में भीषण अग्निकांड से कोहराम।
चंदौली के बनरसिया गांव में कुदरत का कहर टूटा है। चक्रवाती तूफान के साथ आई आग की चिंगारी ने एक गरीब परिवार का आशियाना और जमापूंजी स्वाहा कर दी। इस अग्निकांड में नगदी, राशन और मवेशी की जान जाने से परिवार सड़क पर आ गया है।
बनरसिया गांव में भीषण अग्निकांड
90 हजार नगद और राशन राख
आग की चपेट में आया युवक
बेजुबान बछड़े की झुलसकर मौत
प्रशासन से तत्काल मुआवजे की मांग
चंदौली जिले में बुधवार की देर शाम आए चक्रवाती तूफान ने भारी तबाही मचाई। तेज आंधी और आग की चिंगारियों ने कई इलाकों में नुकसान पहुंचाया। इसी क्रम में चकिया कोतवाली क्षेत्र के बनरसिया गांव में एक गरीब परिवार की पूरी गृहस्थी आग की भेंट चढ़ गई। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
बनरसिया गांव निवासी बाबूलाल प्रजापति ने बताया कि उनके घर में सिवान में जल रही आग की चिंगारी तेज हवा के साथ पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि घर में रखा करीब 90 हजार रुपये नगद, लगभग 10 क्विंटल राशन, बर्तन, चार चारपाई, चौकी, भूसा सहित पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई।
अग्निकांड के दौरान घर में बंधी एक पड़िया गंभीर रूप से झुलस गई, जबकि एक बछड़ा जिंदा जल गया। वहीं पशुओं को बचाने का प्रयास कर रहे बाबूलाल प्रजापति के 26 वर्षीय पुत्र रजनीकांत प्रजापति भी गंभीर रूप से झुलस गए। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के दर्जनों लोग मौके पर पहुंच गए और घंटों कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ग्रामीणों ने बाल्टी, पाइप और मोटर के सहारे आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक सब कुछ जल चुका था।

ग्रामीणों का कहना था कि सूचना देने के काफी देर बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची, जिससे नुकसान और बढ़ गया। सूचना पर इलिया थाना पुलिस और एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची।गंभीर रूप से घायल रजनीकांत को तत्काल एंबुलेंस से जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया ले जाकर भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
अग्निकांड के बाद पीड़ित परिवार की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। जिस आंगन में कभी बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब सिर्फ राख और टूटी उम्मीदें बची हैं। घर में खाने तक के लिए कुछ नहीं बचा।महिलाएं और बच्चे खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। परिवार के सामने अब सिर छुपाने, भोजन और रोजमर्रा की जरूरतों का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। गांव के लोग भी पीड़ित परिवार की हालत देखकर भावुक हो उठे और तत्काल मदद की अपील करने लगे।ग्रामीणों ने बताया कि यदि समय रहते दमकल विभाग की टीम पहुंच जाती तो शायद इतना बड़ा नुकसान नहीं होता। घटना के बाद गांव में भय और मायूसी का माहौल बना हुआ है। लोग लगातार प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, राशन, आवास और पशुहानि का मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
आग लगने की सूचना पर चकिया तहसील से पहुंचे राजस्व कर्मी (लेखपाल)अखिलेश कुमार ने मौके का निरीक्षण कर क्षति का आंकलन किया और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजते हुए पीड़ित परिवार को शीघ्र मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया। वहीं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि हौसिला यादव समेत ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को आवास, आर्थिक सहायता और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*








