बरांव में बारिश से कंपोजिट विद्यालय बना तालाब, जलभराव के कारण पठन-पाठन पूरी तरह ठप
चंदौली के शहाबगंज में लगातार चार दिनों की बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बरांव का कंपोजिट विद्यालय तालाब बन चुका है, जिससे पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई है। वहीं खेतों में पानी भरने से किसानों की धान की फसल बर्बाद होने की कगार पर है।
कंपोजिट विद्यालय बरांव परिसर बना तालाब
बारिश से बच्चों की पढ़ाई ठप
आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन भी बंद
शहाबगंज के दर्जनों गांव जलमग्न
धान की फसल नष्ट होने का डर
चंदौली जिले के शहाबगंज विकासखंड में पिछले चार दिनों से लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश के कारण कंपोजिट विद्यालय बरांव का पूरा परिसर तालाब में बदल गया है। चारों तरफ पानी भर जाने की वजह से पिछले दो दिनों से बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप पड़ी हुई है।
मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने बुधवार को कक्षा एक से आठ तक के सभी स्कूलों में छुट्टी का आदेश जारी कर दिया है। इससे बच्चों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन स्कूल परिसर में जमा पानी अब भी गंभीर समस्या बना हुआ है।

हर साल बनती है जलभराव की समस्या, स्थायी समाधान नहीं
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में बरांव विद्यालय में जलभराव की यह दिक्कत हर साल सामने आती है। सही जलनिकासी न होने की वजह से पानी कई दिनों तक परिसर में जमा रहता है। बीते साल भी जब ऐसी ही स्थिति बनी थी, तब पास के मिनी सचिवालय में अस्थाई रूप से स्कूल चलाकर बच्चों को पढ़ाया गया था।
गांव वालों का कहना है कि प्रशासन द्वारा जलनिकासी की कोई पक्की और स्थायी व्यवस्था नहीं की जा रही है। हर साल पानी भरने से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान होता है, जिससे अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर काफी चिंतित रहते हैं।
आंगनबाड़ी केंद्र ठप, अभिभावकों में हादसे का डर
बरांव के इसी विद्यालय परिसर के भीतर आंगनबाड़ी केंद्र का भी संचालन किया जाता है। पूरे परिसर के जलमग्न होने के कारण आंगनबाड़ी केंद्र का कामकाज भी पूरी तरह से बंद हो गया है।
अभिभावकों का कहना है कि पानी भरे परिसर में छोटे बच्चों को भेजना किसी बड़े खतरे से खाली नहीं है। हमेशा किसी अनहोनी का डर बना रहता है। हर साल मानसून में यही कहानी दोहराई जाती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

सिवान लबालब, धान की फसल को भारी नुकसान का खतरा
दूसरी ओर, लगातार हो रही बारिश से शहाबगंज क्षेत्र के दर्जनों गांवों के सिवान पानी से पूरी तरह लबालब भर गए हैं। बरांव, निचोट कलां, जिगना, पचपरा, वोलीपुर मदरा, दंडापोखर, पस्तुआं और कवलपुरवां जैसे गांवों में दूर-दूर तक सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। पूरे खेत किसी विशाल तालाब की तरह दिखाई दे रहे हैं।
खरौझा ड्रेन से सटे बनरसिया, ईसापुर और अर्जी गांवों के खेतों में भी बाढ़ जैसे हालात हैं। खेतों में लंबे समय से पानी जमा रहने की वजह से हाल ही में रोपे गए धान के छोटे पौधे सड़कर नष्ट होने की कगार पर पहुँच गए हैं। किसानों का कहना है कि अगर बारिश जल्द नहीं रुकी और पानी निकासी का रास्ता नहीं मिला, तो उनकी मेहनत और लागत दोनों पूरी तरह डूब जाएगी।
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