बेन-धरौली राजवाहा: करोड़ों का बजट, फिर भी घटिया निर्माण, जिले में क्या हो रहा है डीएम साहब
शहाबगंज के बेन राजवाहा में हाल ही में ध्वस्त हुई लाइनिंग की मरम्मत में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। किसानों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा विभागीय निर्देशों को ताक पर रखकर केवल दरारें भरी जा रही हैं, जिससे दोबारा नहर टूटने का खतरा मंडरा रहा है।
₹6 करोड़ की लागत से हो रहा पुनर्निर्माण
पानी का दबाव नहीं झेल सकी नई दीवार
ग्रेटर नोएडा की कंपनी करा रही है कार्य
मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति का आरोप
किसान विकास मंच ने दी आंदोलन की चेतावनी
चंदौली जिले में शहाबगंज विकासखंड के अंतर्गत आने वाले बेन-धरौली राजवाहा के जीर्णोद्धार कार्य में एक बार फिर मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लगभग 6 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से हो रहे इस पुनर्निर्माण कार्य पर स्थानीय किसानों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। किसानों का आरोप है कि ग्रेटर नोएडा की कार्यदायी संस्था 'शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन' द्वारा कराए जा रहे इस काम में गुणवत्ता की भारी कमी है, जिसकी गवाही हाल ही में टूटी हुई नहर की दीवारें दे रही हैं।

पानी छोड़ते ही खुली पोल: 20 दिन में ढही दीवार
बीते 5 जनवरी को जब बेन राजवाहा में सिंचाई हेतु पानी छोड़ा गया, तो डेहरी कलां गांव के पास पश्चिमी और पूर्वी पटरी की साइड वॉल ताश के पत्तों की तरह ढह गई। हैरानी की बात यह है कि इस दीवार और पिचिंग का निर्माण घटना से महज 20 दिन पहले ही किया गया था। पानी का पहला दबाव पड़ते ही निर्माण का ध्वस्त होना सीधे तौर पर खराब सामग्री और घटिया इंजीनियरिंग की ओर इशारा करता है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में विभाग के प्रति गहरा असंतोष व्याप्त है।
मरम्मत के नाम पर केवल लीपापोती का खेल
मीडिया में मामला आने के बाद सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार ने 8 जनवरी को मौके का मुआयना किया था और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत के निर्देश दिए थे। लेकिन किसान विकास मंच के संयोजक रामअवध सिंह और अन्य किसानों का कहना है कि मौके पर स्थिति जस की तस है। ठेकेदार द्वारा क्षतिग्रस्त हिस्सों को उखाड़कर नए सिरे से बनाने के बजाय केवल सीमेंट-बालू के घोल से दरारों को भरा जा रहा है और पत्थरों को केवल ऊपर से जमाया जा रहा है। यह विभागीय निर्देशों की खुली अवहेलना है।
आंदोलन की राह पर किसान: विभाग का रुख
किसान विकास मंच ने चेतावनी दी है कि यदि मानकों के अनुरूप सुदृढ़ कार्य नहीं कराया गया, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। दूसरी ओर, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता राकेश कुमार सिंह का कहना है कि मरम्मत कार्य को मानकों के अनुसार ही कराने का सख्त निर्देश दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि दोबारा जांच में गड़बड़ी पाई गई, तो संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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