चंदौली में बिहार पुलिस के 569 नव आरक्षियों की दीक्षांत परेड संपन्न, CRPF चकिया सेंटर में ली देश सेवा की शपथ
चंदौली के चकिया स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में बिहार पुलिस के 569 नव आरक्षियों का भव्य दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ। कठिन प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जवानों ने आकर्षक मार्च पास्ट किया और देश सेवा का संकल्प लिया।
बिहार पुलिस के 569 जवान पास आउट
सीआरपीएफ चकिया सेंटर में भव्य परेड
आईजी अनिल कुमार ने ली सलामी
इंडोर और आउटडोर गतिविधियों का प्रशिक्षण
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवान सम्मानित
चंदौली जिले के चकिया स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ग्रुप सेंटर का परिसर सोमवार को पूरी तरह से सैन्य अनुशासन, शौर्य और देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। मौका था बिहार पुलिस सेवा के 569 प्रशिक्षु नव आरक्षियों की दीक्षांत परेड एवं भव्य शपथ ग्रहण समारोह का। अपनी जिंदगी के कठिन प्रशिक्षण की लंबी और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, इन जांबाज नव आरक्षियों ने देश और राज्य की सुरक्षा पूरी निष्ठा, ईमानदारी व अद्वितीय समर्पण भाव से करने की पवित्र शपथ ली।
समारोह के दौरान परेड मैदान में जैसे ही प्रशिक्षु आरक्षियों ने कदम से कदम मिलाकर मार्च पास्ट प्रस्तुत किया, तो वहाँ उपस्थित हर शख्स का मन गर्व से भर उठा। जवानों ने अपने बेहतरीन अनुशासन, तालमेल और एकजुटता का शानदार प्रदर्शन करते हुए साबित कर दिया कि वे किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।

मुख्य अतिथि आईजी अनिल कुमार ने किया परेड का निरीक्षण
इस गौरवमयी समारोह के मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक (IG) मध्य क्षेत्र लखनऊ, अनिल कुमार ने परेड ग्राउंड पहुंचकर सबसे पहले परेड का बारीकी से निरीक्षण किया और मार्च पास्ट की सलामी ली। नव आरक्षियों के कड़े परिश्रम और उत्कृष्ट प्रदर्शन की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि पुलिस सेवा महज एक सरकारी आजीविका (नौकरी) नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के प्रति एक अत्यंत संवेदनशील और उत्तरदायित्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने जवानों को सीख दी कि वे आम जनता और शासन के बीच विश्वास की सबसे मजबूत कड़ी हैं, इसलिए उन्हें हमेशा निर्भीकता, संवेदनशीलता और पूरी निष्पक्षता के साथ समाज के हर वर्ग की सुरक्षा करनी चाहिए।
आईजी अनिल कुमार ने आगे बताया कि बिहार राज्य में वर्तमान समय में पर्याप्त बुनियादी प्रशिक्षण केंद्रों की उपलब्धता कम होने के कारण, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के इन होनहार प्रशिक्षुओं की ट्रेनिंग का जिम्मा चंदौली स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर को सौंपा गया था। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ देश के सबसे अनुशासित और पेशेवर सुरक्षा बलों में से एक है, और इसके बेजोड़ प्रशिक्षण कौशल का सीधा लाभ अब बिहार पुलिस के इन जवानों को मिला है। यह जवान आने वाले दिनों में बिहार की कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।

आधुनिक पुलिसिंग और आपदा प्रबंधन का मिला कड़ा प्रशिक्षण
इस विशेष दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन में पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) ग्रुप सेंटर चंदौली, राकेश कुमार सिंह की देखरेख में चले व्यापक ट्रेनिंग प्रोग्राम की जमकर तारीफ की गई। प्रशिक्षण अवधि के दौरान इन नव आरक्षियों को केवल पारंपरिक ड्रिल ही नहीं, बल्कि आधुनिक पुलिसिंग की बारीकियां भी सिखाई गईं। जवानों को हथियार चलाने (शूटिंग), शारीरिक दक्षता, ड्रिल, कानून व्यवस्था नियंत्रण, दंगा नियंत्रण और आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण इंडोर और आउटडोर विषयों पर कड़ा और कड़ा अभ्यास कराया गया है।
कार्यक्रम के अंत में विभिन्न क्षेत्रों जैसे शूटिंग, ड्रिल और शारीरिक प्रशिक्षण में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले होनहार प्रशिक्षुओं को मुख्य अतिथि द्वारा चमचमाती ट्रॉफी और पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों और परिजनों की रही गरिमामयी उपस्थिति
समारोह के समापन अवसर पर कमांडेंट ग्रुप सेंटर चंदौली, प्रदुम्न कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि सहित सभी वरिष्ठ अधिकारियों, अतिथियों और जवानों के माता-पिता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये जवान भविष्य में पुलिस महकमे के गौरव को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए सीआरपीएफ रेंज चंदौली के डीआईजी संजय कुमार, बिहार पुलिस के डीआईजी रमन चौधरी, उप महानिरीक्षक (चिकित्सा) डॉ. अब्दुल नज़र समेत कई उच्चाधिकारी, सैकड़ों जवान और उनके गौरवान्वित परिजन मुख्य रूप से मौजूद रहे।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*








