योग के रंग में रंगेगा चकिया : CBSE ईस्ट जोन योगा चैंपियनशिप का मंत्री दयाशंकर मिश्र 'दयालु' करेंगे शुभारंभ
चंदौली के चकिया स्थित सिल्वर बेल्स स्कूल में 17 जुलाई से चार दिवसीय सीबीएसई ईस्ट जोन योगा चैंपियनशिप शुरू हो रही है। यूपी के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र इसका भव्य उद्घाटन करेंगे, जहाँ छात्र अपनी योग प्रतिभा दिखाएंगे।
सीबीएसई ईस्ट जोन योगा चैंपियनशिप 2026
आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र करेंगे उद्घाटन
चकिया सिल्वर बेल्स स्कूल में भव्य आयोजन
पूर्वी भारत के छात्र दिखाएंगे योग
चार दिनों तक चलेगा योग का संगम
चंदौली जिले के चकिया क्षेत्र के लिए गर्व की खबर है। यहाँ के सिल्वर बेल्स स्कूल में आगामी 17 जुलाई से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की प्रतिष्ठित ईस्ट जोन योगा चैंपियनशिप-2026 का आयोजन होने जा रहा है। यह एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता है, जो पूरे चार दिनों तक चलेगी। इस बड़े आयोजन का उद्घाटन करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' विशेष रूप से पहुँच रहे हैं। वे दीप प्रज्ज्वलित कर इस खेल उत्सव की शुरुआत करेंगे। इस खबर के आने के बाद से ही इलाके के खेल प्रेमियों और छात्रों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।

सैकड़ों छात्र और कड़ा मुकाबला
17 से 20 जुलाई तक चलने वाली इस चैंपियनशिप में केवल स्थानीय छात्र ही नहीं, बल्कि पूर्वी भारत के अलग-अलग राज्यों के सीबीएसई स्कूलों के सैकड़ों छात्र-छात्राएं हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता के दौरान योगासन, कलात्मक योग और अन्य कई वर्गों में खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। आयोजन को सफल बनाने के लिए बड़ी संख्या में कोच, टीम मैनेजर और योग विशेषज्ञ भी यहाँ पहुँच रहे हैं।
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से छात्रों में योग के प्रति रुचि तो बढ़ेगी ही, साथ ही वे स्वस्थ जीवनशैली के प्रति भी जागरूक होंगे।
तैयारियां हुई पूरी, मेहमानों का इंतज़ार
प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सिल्वर बेल्स स्कूल प्रशासन ने कमर कस ली है। स्कूल परिसर को बहुत ही आकर्षक तरीके से सजाया गया है। आयोजकों ने बताया कि मंच की सजावट से लेकर मेहमानों के स्वागत, सुरक्षा, रहने, खाने और मेडिकल की सभी सुविधाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। कोशिश यही है कि बाहर से आने वाले खिलाड़ियों और मेहमानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' की मौजूदगी इस आयोजन को एक नई पहचान और गौरव प्रदान करेगी।
मेडल के साथ अनुशासन का पाठ
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि इस चैंपियनशिप का मकसद केवल मेडल जीतना नहीं है। असल में यह युवाओं के भीतर अनुशासन, आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन विकसित करने का एक जरिया है। इसके जरिए भारतीय योग परंपरा का प्रचार-प्रसार भी होगा और नई पीढ़ी सकारात्मक जीवन मूल्यों को सीखेगी। अगले चार दिनों तक पूरे पूर्वी क्षेत्र के सीबीएसई स्कूलों और योग जगत की निगाहें चकिया के इस आयोजन पर टिकी रहने वाली हैं। यह आयोजन चंदौली के नाम को खेल और योग की दुनिया में एक नया मुकाम देगा।
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