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चकिया BRC परिसर में उमड़ा शिक्षक समाज: दिवंगत शिक्षक नेता कैलाश प्रसाद को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

चंदौली के चकिया बीआरसी परिसर में गुरुवार को दिवंगत शिक्षक नेता कैलाश प्रसाद की स्मृति में शोकसभा रखी गई। शिक्षकों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया और उनके योगदान को याद किया।

 
 

चकिया बीआरसी परिसर में आयोजित भावभीनी शोकसभा

दिवंगत शिक्षक नेता कैलाश प्रसाद को श्रद्धांजलि

शिक्षकों ने किया महामृत्युंजय मंत्र का सामूहिक जाप

चंदौली के शिक्षक समाज के लिए अपूरणीय क्षति

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

चंदौली जिले के विकासखंड चकिया स्थित बीआरसी परिसर में गुरुवार को एक शोकसभा का आयोजन किया गया। यह शोकसभा दिवंगत शिक्षक नेता कैलाश प्रसाद की स्मृति में रखी गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षा विभाग के लोग जुटे। सभी ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए, दो मिनट का मौन रखा और उनकी आत्मा की शांति के लिए पांच बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया।

निडर और कर्मठ शिक्षक नेता के रूप में जाने जाते थे कैलाश प्रसाद
शोकसभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कैलाश प्रसाद एक बेहद लोकप्रिय, निडर, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक नेता थे। उन्होंने हमेशा शिक्षकों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए आगे आकर संघर्ष किया। अपने सरल और मिलनसार स्वभाव की वजह से उन्होंने पूरे जिले के शिक्षक समाज के दिलों में एक खास पहचान बनाई थी।

लंबी बीमारी के बाद वाराणसी में हुआ था अंतिम संस्कार
उल्लेखनीय है कि लंबी बीमारी से जूझने के बाद 21 जुलाई 2026 की रात कैलाश प्रसाद का निधन हो गया था। उनके निधन की खबर से पूरे चंदौली जिले के शिक्षकों और शुभचिंतकों में शोक की लहर फैल गई थी। उनका अंतिम संस्कार वाराणसी के प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर संपन्न हुआ था।

शिक्षकों और अधिकारियों ने जताया गहरा शोक
इस मौके पर शिक्षकों ने कैलाश प्रसाद के साथ बिताए लम्हों को याद किया और कहा कि उनका योगदान हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। शोकसभा में सदानंद दुबे, महेंद्र मौर्य, ओमप्रकाश भारती, रीता पांडेय, अतुल श्रीवास्तव सहित पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी दयाराम यादव और चंद्रशेखर आजाद जैसे कई अधिकारियों व शिक्षकों ने उपस्थित रहकर दिवंगत आत्मा को नमन किया और परिजनों के प्रति संवेदना जताई।

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