चकिया वन प्रभाग की बड़ी कार्रवाई: दूबेपुर में कब्जा मुक्त कराई सरकारी जमीन, अतिक्रमणकारियों में मचा हड़कंप।
चंदौली के चकिया रेंज में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से कब्जा की गई वन भूमि को मुक्त कराया है। अधिकारियों ने शेरपुर कंपार्ट में बोई गई लगभग चार बीघा सरसों की खड़ी फसल पर रोटावेटर चलवाकर अतिक्रमणकारियों को कड़ा संदेश दिया।
अवैध वन भूमि अतिक्रमण पर कार्रवाई
रोटावेटर से नष्ट की गई फसल
चकिया वन विभाग की सख्त घेराबंदी
अतिक्रमणकारियों के खिलाफ विभाग का अभियान
सरकारी भूमि से हटाया गया कब्जा
चंदौली जनपद अंतर्गत चकिया वन प्रभाग ने पर्यावरण संरक्षण और सरकारी संपत्तियों की रक्षा हेतु अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। रविवार को चकिया रेंज की दक्षिणी सपही बीट के दूबेपुर गांव स्थित शेरपुर कंपार्ट संख्या 3-ए में वन विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। विभाग को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि अधिसूचित वन भूमि पर कुछ स्थानीय लोगों द्वारा नियमों को दरकिनार कर अवैध रूप से खेती की जा रही है। इस पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने रोटावेटर चलवाकर करीब चार बीघा क्षेत्र में लगी सरसों की फसल को पूरी तरह जमींदोज कर दिया।

क्षेत्रीय वनाधिकारी के नेतृत्व में चला विशेष अभियान
अवैध अतिक्रमण हटाने की यह पूरी प्रक्रिया चकिया रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी अश्विनी चौबे और उप क्षेत्रीय वनाधिकारी आनंद दुबे के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में संपन्न हुई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर भूमि का निरीक्षण किया और पाया कि वन विभाग की संरक्षित भूमि पर न केवल कब्जा किया गया था, बल्कि वहां व्यावसायिक लाभ के लिए सरसों की खेती भी की जा रही थी। विधिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद वन कर्मियों ने ट्रैक्टर और रोटावेटर की मदद से खड़ी फसल को जोत दिया और भूमि को विभाग के नियंत्रण में वापस ले लिया।

अतिक्रमणकारियों में हड़कंप
वन विभाग की इस अचानक हुई सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफियाओं और अवैध रूप से खेती करने वाले लोगों के बीच हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई है। अधिकारियों ने मौके पर ही स्पष्ट कर दिया कि सरकारी व अधिसूचित वन भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण, जुताई या खेती पूरी तरह प्रतिबंधित है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण की कोशिश की गई, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ जेल भेजने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाएगी।
कार्रवाई में शामिल रही वन विभाग की संयुक्त टीम
इस महत्वपूर्ण अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए वन विभाग की एक बड़ी टीम तैनात रही। कार्रवाई के दौरान वन दरोगा रामआशीष और अमित यादव के साथ ही वनरक्षक आदित्य सिंह, अमित सिंह, शिवबक्स सिंह, मोहम्मद आजाद, हरिकिशन और शंकर सहित कई अन्य वनकर्मी मुस्तैद रहे। विभाग की इस सक्रियता ने यह संदेश दे दिया है कि जिले में वन संपदा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कब्जा मुक्त कराई गई भूमि पर जल्द ही पौधारोपण कर उसे सुरक्षित किया जाएगा।
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