गायघाट खनन मामले में चकिया पहुंचे नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव, कोतवाल को हटाने की मांग को लेकर SP से की फोन पर बात
विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने चकिया के गायघाट-बागड़ा गांव पहुंचकर कथित खनन मामले की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों के पुलिसिया उत्पीड़न पर नाराजगी जताते हुए कोतवाल को तत्काल हटाने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष पहुंचे गायघाट गांव
कथित खनन मामले की ली जानकारी
ग्रामीणों पर पुलिसिया उत्पीड़न का आरोप
कोतवाल को तत्काल हटाने की मांग
एसपी से फोन पर की वार्ता
चंदौली जिले की चकिया कोतवाली क्षेत्र के गायघाट-बागड़ा गांव में पिछले दिनों हुए कथित खनन प्रकरण ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। सोमवार को उत्तर प्रदेश विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने अचानक गायघाट-बागड़ा गांव का दौरा किया। उन्होंने धरातल पर पहुंचकर पीड़ित ग्रामीणों से सीधी मुलाकात की और पूरे विवादित घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की दर्दभरी समस्याएं सुनीं और पूरे प्रकरण को अत्यंत गंभीर बताते हुए जिला प्रशासन से निष्पक्ष और न्यायसंगत कार्रवाई करने की मांग उठाई।
मुलाकात के दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने नेता प्रतिपक्ष के सामने आरोप लगाया कि गत 9 मई को पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) पूरी तरह से एकपक्षीय और दुर्भावना से प्रेरित है। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना था कि स्थानीय पुलिस मामले में निष्पक्ष और विधिसंगत तरीके से तफ्तीश करने के बजाय पूरी तरह से दमनात्मक रवैया अपना रही है और निर्दोष ग्रामीणों को बेवजह प्रताड़ित कर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने चंद्रप्रभा वन रेंज के रेंजर अखिलेश दुबे पर भी पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार संबंधी गंभीर आरोप लगाते हुए वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
एसपी से फोन पर वार्ता: कोतवाल को तत्काल हटाने की उठाई मांग
मामले के सभी कानूनी और व्यावहारिक पहलुओं को गंभीरता से समझने के बाद, नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने तत्काल मौके से ही चंदौली के पुलिस अधीक्षक (SP) से मोबाइल फोन पर लंबी वार्ता की। उन्होंने पुलिस कप्तान से कथित तौर पर स्थानीय पुलिस द्वारा किए जा रहे ग्रामीणों के उत्पीड़न और भय के माहौल को तुरंत रोकने की बात कही। उन्होंने मांग की कि इस पूरे संवेदनशील मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच सामने आ सके और किसी निर्दोष को सजा न मिले।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए लाल बिहारी यादव ने कड़े शब्दों में कहा कि समाज के गरीब, मजलूम और आम लोगों के खिलाफ शासन-प्रशासन की किसी भी प्रकार की दमनकारी नीति को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि क्षेत्र के किसी भी पुलिस या वन अधिकारी द्वारा गैरकानूनी ढंग से सत्ता के बल पर लोगों को डराने-धमकाने या फर्जी मामलों में फंसाने का कार्य किया जा रहा है, तो ऐसे अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने जनहित में संबंधित कोतवाल को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। इस दौरान गांव में नेता प्रतिपक्ष के आगमन पर भारी संख्या में ग्रामीण एकजुट रहे और पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रशासन के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की।
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