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चकिया में नकोइया नहर की सरकारी जमीन पर दबंगई: तबेला बनाकर पक्के निर्माण की तैयारी, सिंचाई विभाग से पैमाइश की मांग

चंदौली के चकिया में नकोइया नहर की पटरी पर हो रहे अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सरकारी जमीन खाली कराने की गुहार लगाई है।

 
 

नकोइया नहर की पटरी पर कब्जा

ग्रामीणों ने पोर्टल पर की शिकायत

सरकारी जमीन पर पक्का निर्माण शुरू

सिंचाई विभाग से पैमाइश की मांग

चंदौली जिले के चकिया विकासखंड के ग्राम पंचायत फिरोजपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां स्थित नकोइया नहर की पटरी पर कुछ लोगों द्वारा किए जा रहे कथित अवैध कब्जे और अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया है। इस मामले में गांव के लोगों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीधे उत्तर प्रदेश सरकार के जनसुनवाई (IGRS) पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है।

ग्रामीणों ने इस ऑनलाइन शिकायत के जरिए प्रशासन से मांग की है कि नहर की सरकारी भूमि से तत्काल प्रभाव से अवैध कब्जा हटाया जाए। इसके साथ ही, सरकारी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करने वाले दोषी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

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सरकारी जमीन को मिट्टी से पाटा, तबेला बनाकर रास्ता रोकने का आरोप
सिंचाई विभाग के चंद्रप्रभा प्रखंड के अधिशासी अभियंता को भेजे गए प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, फिरोजपुर निवासी चंद्रप्रकाश पुत्र सरजू ने नकोइया नहर की पटरी पर अवैध रूप से कब्जा जमाना शुरू कर दिया है। आरोपी ने नहर की पटरी को मिट्टी से पाट दिया है।

हालत यह है कि उस सरकारी जमीन पर अब अवैध रूप से गाय-भैंस बांधी जा रही हैं और वहां ट्रैक्टर भी खड़ा किया जाने लगा है। इस अवैध तबेले और कब्जे की वजह से वहां से गुजरने वाले आम राहगीरों और ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


गाटा संख्या 703 और 706 पर कब्जे की तैयारी, ग्रामीणों ने दी चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित व्यक्ति की दबंगई यहीं नहीं रुकी, उसने अब नहर की पटरी पर भारी मात्रा में पत्थर का ढेर भी गिरा दिया है। आरोपी अब वहां पक्का निर्माण करने के लिए नींव डालने की फिराक में है। ग्रामीणों ने चेताया है कि अगर समय रहते जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग ने इस पर एक्शन नहीं लिया, तो सरकारी भूमि पर हमेशा के लिए पक्का और स्थायी अतिक्रमण हो जाएगा।

शिकायत पत्र में साफ तौर पर जिक्र किया गया है कि यह सरकारी जमीन राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 703 और 706 के रूप में दर्ज है। ग्रामीणों का आरोप है कि दबंगई के बल पर इस सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि सिंचाई विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंचे, पूरी जमीन का सीमांकन (पैमाइश) कराए और इस अवैध कब्जे को हटवाकर सरकारी संपत्ति को सुरक्षित करे।

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