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सावित्रीबाई फुले पीजी कॉलेज में मनाया गया राष्ट्रीय युवा दिवस, गूंजे स्वामी विवेकानंद के विचार

चकिया स्थित सावित्रीबाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद की जयंती 'राष्ट्रीय युवा दिवस' के रूप में धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण और डिजिटल युग में विवेकशील बनने के लिए प्रेरित किया।

 
 

स्वामी विवेकानंद के तैलचित्र पर माल्यार्पण

प्राचार्य प्रो. संगीता सिन्हा का संबोधन

विकसित भारत @2047 पर चर्चा

युवाओं के लिए प्रेरणादायक जीवन दर्शन

महाविद्यालय परिसर में भव्य आयोजन

चंदौली जिले के चकिया स्थित सावित्रीबाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती 'राष्ट्रीय युवा दिवस' के रूप में उत्साह के साथ मनाई गई। इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को स्वामी विवेकानंद के महान विचारों, उनके जीवन दर्शन और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका के प्रति जागरूक करना था।

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महापुरुष को श्रद्धा सुमन अर्पित
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर संगीता सिन्हा ने किया। प्राचार्य, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने स्वामी विवेकानंद के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान पूरे महाविद्यालय परिसर में स्वामीजी के ओजस्वी विचारों की गूंज रही, जिसने छात्र-छात्राओं में नई ऊर्जा का संचार किया।

प्रेरणा का अक्षय स्रोत हैं स्वामी विवेकानंद
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रोफेसर संगीता सिन्हा ने युवाओं के जीवन में अनुशासन और आत्मविश्वास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "स्वामी विवेकानंद का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है। यदि आज का युवा उनके बताए मार्ग पर चलकर आत्मविश्वास और बेहतर शिक्षा को आत्मसात करे, तो समाज और राष्ट्र की उन्नति को कोई नहीं रोक सकता।" उन्होंने छात्रों से सदैव ऊर्जावान रहने और अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।

विकसित भारत @2047 और युवा शक्ति
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, राजनीति विज्ञान के सहायक प्रोफेसर पवन कुमार सिंह ने 'विकसित भारत @2047' की संकल्पना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में युवाओं को केवल तकनीकी रूप से दक्ष होना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें विवेकशील, निडर और कौशलयुक्त होना भी आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र की आध्यात्मिक और भौतिक उन्नति के लिए निरंतर चिंतन करने की अपील की।

गणमान्य जनों की उपस्थिति
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. शमशेर बहादुर ने किया। इस गौरवमयी अवसर पर डॉ. सरवन कुमार यादव, डॉ. रमाकांत गौड़, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह, डॉ. अमिता सिंह, डॉ. संतोष कुमार यादव, डॉ. रोहित कुमार यादव, देवेन्द्र बहादुर सिंह और समरजीत राकेश समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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