चकिया पुलिस का बड़ा एक्शन: वन और पुलिस टीम पर हमला करने वाले 3 आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित
चंदौली के चकिया में अवैध खनन रोकने गई पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम पर हमला करने वाले तीन आरोपियों पर पुलिस अधीक्षक ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद अब कुर्की की तैयारी है।
पुलिस और वन विभाग की टीम पर हुआ था जानलेवा हमला
एसपी आकाश पटेल ने घोषित किया 25-25 हजार का इनाम
मुख्य आरोपी महेंद्र राव सहित तीन पर गैर-जमानती वारंट जारी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपियों की एफआईआर निरस्त याचिका की खारिज
फरार आरोपियों के खिलाफ संपत्ति कुर्की की तैयारी में जुटी पुलिस
चंदौली जनपद अंतर्गत चकिया कोतवाली पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम पर जानलेवा हमला कर सरकारी कार्य में गंभीर बाधा उत्पन्न करने वाले शातिर अपराधियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने अब बेहद सख्त और निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चंदौली के पुलिस अधीक्षक (एसपी) आकाश पटेल ने घटना के मुख्य नामजद आरोपी और हिस्ट्रीशीटर महेंद्र राव, उसके भाई विजेंद्र राव तथा पिता रामआसरे राव पर 25-25 हजार रुपये का नगद इनाम घोषित कर दिया है।
इसके साथ ही, आरोपियों को कानूनी तौर पर एक और बड़ा झटका लगा है, क्योंकि गिरफ्तारी से बचने के लिए उनके द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की गई एफआईआर रद्दीकरण की याचिका को माननीय न्यायालय ने सिरे से खारिज कर दिया है। इसके उपरांत, चकिया की स्थानीय अदालत ने भी तीनों फरार आरोपियों के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है।
अलीपुर भांगड़ा में अवैध खनन रोकने गई टीम पर हुआ था बलवा
इस पूरे सनसनीखेज मामले के संदर्भ में पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, बीती 9 मई 2026 को चंद्रप्रभा रेंज के अंतर्गत आने वाले ग्राम अलीपुर भांगड़ा में बिना किसी वैध अनुमति के धड़ल्ले से अवैध खनन किए जाने की गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। इस इनपुट पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चंद्रप्रभा रेंज के रेंजर अखिलेश दुबे और चकिया थाना प्रभारी अर्जुन सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान संयुक्त टीम ने अवैध खनन के खेल को बंद करवाते हुए मौके से इसमें प्रयुक्त की जा रही एक जेसीबी मशीन और एक ट्रैक्टर को विधिवत अपने कब्जे में ले लिया।
बताया गया है कि जब पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम इन जब्त किए गए वाहनों को सीज कर अपने साथ लेकर वापस लौट रही थी, तभी रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे हिस्ट्रीशीटर महेंद्र राव, उसके भाई विजेंद्र राव, पिता रामआसरे राव तथा उनके द्वारा उकसाई गई करीब 80 से 100 अज्ञात लोगों की हिंसक भीड़ ने पूरी टीम को चारों तरफ से घेर लिया। आरोप है कि इस उग्र भीड़ ने लाठी-डंडों और पत्थरों से सरकारी कर्मचारियों पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया और मुख्य मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध (चक्का जाम) कर सरकारी कार्य में भारी व्यवधान पैदा किया।
भारतीय न्याय संहिता की इन गंभीर धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस
इस दुस्साहसिक घटना के बाद थाना चकिया में नामजद व अन्य अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ कानून का कड़ा चाबुक चलाया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 121 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य पालन से डराकर रोकना), धारा 132 (लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), धारा 191(2) (दंगा भड़काना), धारा 190 (बलवा का दोषी होना), धारा 223 (सरकारी लोक सेवक द्वारा विधिवत प्रख्यापित आदेश की अवहेलना) और धारा 324(4) (सार्वजनिक मार्ग को जानबूझकर बाधित करना) के साथ-साथ अवैध खनन निवारण और वन अधिनियम की विभिन्न सुसंगत व कठोर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
हाईकोर्ट से झटका लगने के बाद अब संपत्ति कुर्की की तैयारी
वारदात के बाद से ही लगातार अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए इधर-उधर छिपे फिर रहे आरोपियों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की शरण ली थी, ताकि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे को निरस्त कराया जा सके। परंतु चंदौली पुलिस द्वारा कोर्ट में की गई बेहद प्रभावी पैरवी और प्रस्तुत किए गए अकाट्य डिजिटल व भौतिक साक्ष्यों के आधार पर माननीय उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया।
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने मीडिया को बताया कि फरार चल रहे अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। यदि वे जल्द ही आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो पुलिस प्रशासन बिना कोई समय गंवाए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 84 के तहत अदालती उद्घोषणा और धारा 85 के तहत उनकी चल-अचल संपत्ति को कुर्क करने की कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाएगा।
आदतन अपराधी हैं आरोपी, पहले से दर्ज हैं संगीन मुकदमे
पुलिस के आधिकारिक डोजियर और आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने पर यह बात सामने आई है कि मुख्य आरोपी महेंद्र राव और उसके परिजन क्षेत्र के आदतन अपराधी हैं। इन आरोपियों पर चंदौली के विभिन्न थानों में पहले से ही हत्या के प्रयास (Attempt to Murder), शासकीय कर्मचारियों पर हिंसक हमला करने, सरेआम बलवा और दंगा करने, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाकर अवैध खनन को अंजाम देने, प्रतिबंधित वन संपदा को भारी क्षति पहुंचाने तथा शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने संबंधी दर्जनों संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि समाज में अशांति फैलाने वाले इन आदतन अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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