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चकिया में दो अज्ञात युवकों की रहस्यमयी मौत, शिनाख्त में नाकाम रही पुलिस, जांच पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों युवकों के शरीर पर कपड़े नहीं थे और चेहरे पर चोट के निशान थे, जो इन मौतों को स्वाभाविक नहीं होने का संकेत देते हैं। पुलिस की निष्क्रियता और लचर जांच को लेकर लोगों में आक्रोश है
 

10 दिन में दो शव मिलने से इलाके में दहशत का माहौल

दोनों युवकों की पहचान अब तक नहीं हो सकी

स्थानीय लोगों ने जताई हत्या की आशंका

पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टाल दी जांच

चंदौली जिले के चकिया कोतवाली क्षेत्र के दो अलग-अलग स्थानों पर 10 दिन के अंतराल में मिले दो अज्ञात युवकों के शवों की अब तक शिनाख्त नहीं हो सकी है। दोनों मामलों में मौत की परिस्थितियां संदिग्ध बनी हुई हैं, लेकिन पुलिस फिलहाल इसे सामान्य घटना बताकर अपनी जांच को पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक सीमित कर चुकी है। वहीं, स्थानीय लोगों में इन मौतों को लेकर रहस्य और संदेह गहराता जा रहा है।

पहली घटना: चंद्रप्रभा नदी में मिला युवक का शव
9 जून को भीषमपुर ग्राम पंचायत के पडुहार मौजा स्थित चंद्रप्रभा नदी में 28 वर्षीय एक अज्ञात युवक का शव मिला था। युवक स्लेटी रंग का हाफ पैंट पहने हुए था और उसके शरीर पर अन्य कोई वस्त्र नहीं था। स्थानीय लोगों ने तत्काल हत्या की आशंका जताई थी, क्योंकि युवक के चेहरे पर खून के निशान भी मौजूद थे।

दूसरी घटना: बीयर कुंड में तैरता मिला शव

इसके ठीक दस दिन बाद 19 जून को लतीफशाह बीयर कुंड में एक अन्य युवक का शव मिला, जिसकी उम्र करीब 22 वर्ष आंकी गई। यह युवक सिर्फ अंडरवियर पहने हुए था और उसके चेहरे पर भी चोट के निशान थे। दोनों ही घटनाएं एक जैसी प्रतीत होती हैं – रहस्यमयी, संदिग्ध और अनसुलझी।

पुलिस ने हत्या की आशंका नकारी

इन दोनों घटनाओं में प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने हत्या की संभावना से इनकार करते हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट को आधार बनाकर अंतिम संस्कार करवा दिया। कोतवाल प्रभारी अतुल कुमार प्रजापति ने बताया कि “पहली घटना में युवक की मौत हीट स्ट्रोक से अचेत होकर नदी में गिरने से हुई, जबकि दूसरी घटना में युवक की मौत पानी में डूबने से हुई है।”

सवालों के घेरे में पुलिस की कार्यप्रणाली

स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों युवकों के शरीर पर कपड़े नहीं थे और चेहरे पर चोट के निशान थे, जो इन मौतों को स्वाभाविक नहीं होने का संकेत देते हैं। पुलिस की निष्क्रियता और लचर जांच को लेकर लोगों में आक्रोश है। घटना के कई दिन बाद भी शवों की पहचान नहीं हो पाना, पुलिस की संवेदनहीनता और जांच के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।

पुलिस का दावा
पुलिस क्षेत्राधिकारी नार्मेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों घटनाओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। शवों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं और स्थानीय तथा आस-पास के जनपदों में भी सूचना भेजी गई है। साथ ही गहनता से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

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