चकिया में बिजली संकट पर भड़के ग्रामीण: बाढ़ के बीच रात में 5 घंटे तक पावर कट, जनप्रतिनिधियों की खामोशी पर उठे सवाल
चंदौली की चकिया विधानसभा में भारी बारिश और जलभराव के बीच बिजली विभाग की लापरवाही ने ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। रात के अंधेरे में घंटो पावर कट और बार-बार ट्रिपिंग से आक्रोशित जनता अब जनप्रतिनिधियों से जवाब मांग रही है।
चकिया के ग्रामीण इलाकों में जलभराव
रात में 5 घंटे बिजली कटौती
बारिश और बाढ़ के बीच अंधेरा
बार-बार कटौती से ग्रामीणों में आक्रोश
जनप्रतिनिधियों और बिजली विभाग से सवाल
चंदौली खबर जनप्रतिनिधि बिजली सवालचंदौली जिले के चकिया विधानसभा क्षेत्र में भारी बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। ऐसे संकट के समय में जहां ग्रामीणों को राहत मिलनी चाहिए थी, वहीं रात के अंधेरे में बिजली कटौती ने उनकी परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है।
रात में 5 घंटे की कटौती से ग्रामीण परेशान
क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में रात के समय करीब पांच घंटे तक बिजली कटौती की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि बिजली आने के बाद भी कोई राहत नहीं मिलती, क्योंकि एक घंटे के भीतर ही दो-दो बार बिजली फिर से गुल हो जाती है। इस वजह से लोग न तो चैन से सो पा रहे हैं और न ही जरूरी उपकरण चला पा रहे हैं।
फाल्ट या व्यवस्था की विफलता पर उठे सवाल
बार-बार हो रही इस कटौती से ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लोगों का सवाल है कि यदि कोई तकनीकी फाल्ट है तो उसका स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा? शटडाउन होने पर पूर्व सूचना क्यों नहीं दी जाती? बाढ़ और बारिश के बीच रात में अंधेरे के कारण घरों से बाहर निकलना और बच्चों-बुजुर्गों का संभलना बेहद मुश्किल हो गया है।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की खामोशी पर नाराजगी
चकिया विधानसभा के विधायक और जिले के सत्ताधारी पार्टी अध्यक्ष के क्षेत्र में ऐसी स्थिति देखकर लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय वोट मांगने वाले नेता आज इस मुश्किल घड़ी में गायब हैं। जनता का स्पष्ट कहना है कि अब उन्हें कोरे आश्वासनों की जरूरत नहीं है, बल्कि बिजली विभाग और जनप्रतिनिधियों को इस बिजली संकट पर जवाब देना होगा।
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