चकिया-चंदौली मार्ग पर ओवरलोड डंपरों का कहर, नदी में अवैध खनन पर कब जागेगा चंदौली प्रशासन..देखें वीडियो ?
चकिया-चंदौली मार्ग पर भारतमाला परियोजना के नाम पर कर्मनाशा नदी से बड़े पैमाने पर मिट्टी का अवैध खनन जारी है। तेज रफ्तार ओवरलोड डंपरों के कारण 10 दिनों में कई लोग जान गंवा चुके हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी उबाल है।
चकिया-चंदौली सड़क बनी बेहद जानलेवा
मौत बनकर दौड़ रहे ओवरलोड डंपर
10 दिन में हुए कई हादसे
कर्मनाशा नदी का सीना हुआ छलनी
ग्रामीणों ने की डीएम से हस्तक्षेप मांग
चकिया-चंदौली मुख्य मार्ग पर इन दिनों तेज रफ्तार और ओवरलोड डंपरों का कहर स्थानीय लोगों की जिंदगी पर बेहद भारी पड़ रहा है। भारतमाला परियोजना के निर्माण कार्य की आड़ में कर्मनाशा नदी के तटीय इलाकों से बेतरतीब तरीके से दिन-रात मिट्टी का खनन किया जा रहा है। सैकड़ों की संख्या में दौड़ रहे इन बेलगाम डंपरों की वजह से पूरी सड़क अब स्थानीय राहगीरों के लिए बेहद जानलेवा साबित हो रही है।
चकिया-चंदौली सड़क बनी बेहद जानलेवा
— Chandauli Samachar (@chandaulinews) June 4, 2026
मौत बनकर दौड़ रहे ओवरलोड डंपर
10 दिन में हुए कई हादसे
कर्मनाशा नदी का सीना हुआ छलनी@dmchandauli @CMOfficeUP @shahabganjcdi pic.twitter.com/vB18Xapn3x
कर्मनाशा नदी के अस्तित्व पर मंडराया संकट
स्थानीय ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि इस परियोजना के नाम पर पर्यावरण के नियमों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है। नदी के किनारे कई स्थानों पर 10 से लेकर 20 फीट तक गहरी खुदाई कर दी गई है, जिससे कर्मनाशा नदी का प्राकृतिक अस्तित्व संकट में आ गया है। इस अंधाधुंध खनन के कारण क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन पूरी तरह बिगड़ रहा है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
10 दिनों में कई लोगों की मौत से गुस्सा
क्षेत्रीय जनता के अनुसार, पिछले महज दस दिनों के भीतर इस मार्ग पर हुए विभिन्न सड़क हादसों में कई मासूम लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके अलावा कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। लगातार हो रही इन दर्दनाक मौतों के बावजूद न तो डंपरों की ओवरलोडिंग पर रोक लग रही है और न ही चालकों पर कार्रवाई हो रही है।
धूल के गुबार और दहशत के साए में ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि सुबह की पहली किरण के साथ ही इस सड़क पर भारी वाहनों और डंपरों की लंबी कतारें लग जाती हैं। घनी आबादी वाले बाजारों, गांवों और व्यस्त चौराहों से गुजरते समय भी ये डंपर चालक अपनी रफ्तार कम नहीं करते हैं। वाहनों से उड़ने वाली धूल के गुबार से जहाँ लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है, वहीं स्कूली बच्चों और बुजुर्गों में हमेशा हादसे का डर बना रहता है।
जिलाधिकारी से सख्त कार्रवाई की गुहार
लगातार प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हो रहे ग्रामीणों का आक्रोश अब सातवें आसमान पर पहुंच गया है। क्षेत्र की जनता ने जिलाधिकारी से इस गंभीर मामले में तत्काल व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोडिंग की निष्पक्ष जांच कराई जाए, खनन स्थलों की समीक्षा हो और इन मौत के सौदागर बने डंपरों के खिलाफ तत्काल विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाए।
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