तेज आंधी और बारिश ने चकिया में मचाई भारी तबाही, रास्ते में कई पेड़ गिरे, बाजारों की बिजली गुल
चंदौली के चकिया तहसील में बुधवार देर शाम आए भीषण तूफान और बारिश ने भारी नुकसान पहुँचाया है। कई राजमार्गों पर विशाल पेड़ गिरने से आवागमन ठप हो गया, वहीं बराव गांव में एक परिवार का घर उजड़ गया। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
चकिया-इलिया और शहाबगंज मार्ग घंटों बाधित
विशाल पेड़ गिरने से लगा वाहनों का लंबा जाम
बराव गांव में रमेश गौण के मकान का करकट उड़ा
बिजली के तार टूटने से कई गांव अंधेरे में डूबे
प्रशासन से प्रभावितों को आर्थिक मदद की मांग
चंदौली जिले के चकिया तहसील क्षेत्र में बुधवार की देर शाम मौसम के बदले मिजाज ने भीषण तबाही मचाई है। अचानक आए तेज तूफान और मूसलाधार बारिश की वजह से क्षेत्र का जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई प्रमुख मार्गों पर विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर आ गिरे, जिससे घंटों तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा।

प्रमुख मार्गों पर लगा जाम, राहगीर हुए बेहाल
तूफान के कारण चकिया-इलिया मार्ग पर बरहुआ, मंगरौर और खरौझा गांवों के पास बड़े पेड़ सड़क के बीचों-बीच गिर गए। इसके अलावा चकिया-पीडीडीयू नगर मार्ग पर अमरा उत्तरी गांव और लेवा-इलिया मार्ग पर दुर्गावती बालिका इंटर कॉलेज के समीप भी विशाल पेड़ गिरने से यातायात बंद हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीर घंटों फंसे रहे। स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों और राहगीरों ने खुद ही मोर्चा संभाला और पेड़ों की टहनियों को हटाकर रास्ता साफ करने की कोशिश में जुटे रहे।
आंधी ने छीन ली गरीब की छत, सामान हुआ बर्बाद
आंधी का सबसे दर्दनाक मंजर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिला। बराव गांव के निवासी रमेश गौण के मकान पर लगा करकट (टीन शेड) हवा के तेज झोंकों में उड़ गया। मकान की छत उड़ने से पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया। पीड़ित परिवार ने बताया कि बारिश के पानी से घर में रखा अनाज, कपड़े और अन्य जरूरी सामान भीगकर खराब हो गया है। अब इस परिवार के सामने सिर छिपाने और खाने-पीने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

अंधेरे में डूबे दर्जनों गांव, बिजली व्यवस्था ध्वस्त
प्राकृतिक आपदा का सीधा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ा है। तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर बिजली के खंभे झुक गए और तारों पर पेड़ों की डालियां गिरने से आपूर्ति बाधित हो गई। देर रात तक चकिया के दर्जनों गांवों में अंधेरा पसरा रहा। बिजली न होने से लोगों को पेयजल की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन से मुआवजे की गुहार
क्षेत्र के नागरिकों और प्रभावित परिवारों ने जिला प्रशासन से अविलंब राहत कार्यों की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षतिग्रस्त मार्गों से मलबे को जल्द हटाया जाए ताकि यातायात सुचारू हो सके। साथ ही, रमेश गौण जैसे प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता और मुआवजा प्रदान करने की अपील की गई है ताकि वे अपने आशियाने की मरम्मत करा सकें।
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