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चकिया में शिक्षकों का हुंकार: रिश्वतखोरी और शोषण बर्दाश्त नहीं; भेदभाव के खिलाफ BEO को सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन

चकिया विकासखंड के शिक्षकों ने बीआरसी स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और भेदभाव के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। शिक्षक संघ ने बीईओ को पत्रक सौंपकर लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई और पारदर्शी व्यवस्था की मांग की है।
 

चकिया बीआरसी में शिक्षकों से रिश्वतखोरी का गंभीर आरोप

चयन वेतनमान और एरियर की फाइलें जल्द भेजने की मांग

फोन न उठाने वाले बीआरसी कर्मियों को 15 दिन का अल्टीमेटम

जांच में अनुपस्थित शिक्षकों के आकस्मिक अवकाश पर जोर

शिक्षक नेताओं और एआरपी द्वारा मानसिक शोषण पर रोक की अपील

चंदौली जिले में उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ, विकासखंड चकिया के बैनर तले शिक्षकों ने ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) पर व्याप्त अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ब्लॉक अध्यक्ष सदानंद दुबे और ब्लॉक मंत्री राजीव पटेल के नेतृत्व में शिक्षकों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) चकिया को 10 सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर समस्याओं के तत्काल निस्तारण की मांग की है।

बीआरसी कर्मियों पर रिश्वतखोरी और भेदभाव के गंभीर आरोप
शिक्षक संघ ने पत्रक के माध्यम से बीआरसी पर कार्यरत कार्मिकों, अशोक कुमार और शिवकुमार, के कार्य व्यवहार पर कड़ा ऐतराज जताया है। आरोप है कि ये कार्मिक आम शिक्षकों का फोन नहीं उठाते और केवल कुछ 'वीआईपी' लोगों को ही प्राथमिकता देते हैं। सबसे गंभीर आरोप कार्यों के एवज में रिश्वत लेने का लगाया गया है। संघ ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर इन कार्मिकों ने अपना व्यवहार नहीं बदला, तो जिले स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

लंबित फाइलों और पारदर्शी ड्यूटी की मांग
शिक्षकों ने बीईओ के समक्ष मुख्य रूप से 72825 और 29334 बैच सहित अन्य अर्ह शिक्षकों के चयन वेतनमान की फाइलों को ऑनलाइन/ऑफलाइन जल्द से जल्द जिले पर फॉरवर्ड करने की मांग रखी। इसके अलावा, वेतन कटौती, एरियर और निलंबन से संबंधित पेंडिंग मामलों को त्वरित गति से निस्तारित करने पर जोर दिया गया। संघ ने यह भी मांग की कि शिक्षकों की ड्यूटी और प्रशिक्षण के चयन में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता बरती जानी चाहिए।

शोषण मुक्त कार्य वातावरण की अपील
शिक्षक नेताओं ने स्पष्ट किया कि किसी भी शिक्षक नेता, एआरपी (ARP) या नोडल पदाधिकारी द्वारा शिक्षकों का मानसिक या आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पत्रक में यह भी सुझाव दिया गया कि विभागीय जांच के दौरान यदि कोई शिक्षक अनुपस्थित मिलता है, तो सीधे वेतन काटने के बजाय उसे आकस्मिक अवकाश (CL) से समायोजित किया जाए। शिक्षकों का कहना है कि चकिया विकासखंड हमेशा से उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जाना जाता रहा है, और इसे पुनः 'निपुण' बनाने के लिए भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण आवश्यक है।

प्रदर्शन में ये शिक्षक रहे मौजूद
इस अवसर पर भारी संख्या में शिक्षक और शिक्षिकाएं उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से वीरेंद्र मोहन सिंह उर्फ करन्टू, महेंद्र मौर्य, नरेंद्र यादव, इमरान अली, विवेक सिंह, ओमप्रकाश भारती, अजय कुशवाहा, श्याम बिहारी, विनय सिंह, रिजवान अहमद, चंद्र प्रकाश गांधी, जितेंद्र तिवारी, दिनेश मौर्य, कवींद्र गौतम, रामाशीष लाल, सुनील पटेल, सैयद नकिब अहमद, गंगाधर गोपाल, श्रवण कुमार, गजानंद यादव, धीरेंद्र मौर्य कुमार शामिल थे। साथ ही महिला शिक्षकों में उषा श्रीवास्तव, रजनी जयसवाल, अर्चना यादव, उषा मिश्रा, अनुपमा सिंह और रेनू जायसवाल ने भी अपनी आवाज बुलंद की।

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