चकिया में खुला दूसरा केंद्रीय विद्यालय, सीआरपीएफ परिसर में शुरू हुआ है कक्षा 1 से 5 तक का एडमिशन
चंदौली के चकिया स्थित सीआरपीएफ ग्रुप केंद्र में जिले के दूसरे केंद्रीय विद्यालय का संचालन शुरू हो गया है। यहां बालवाटिका से लेकर कक्षा 5 तक प्रवेश प्रक्रिया जारी है, जिससे स्थानीय अभिभावकों और बच्चों में भारी उत्साह है।
चकिया में खुला दूसरा केंद्रीय विद्यालय
सीआरपीएफ परिसर में शुरू हुई पढ़ाई
बालवाटिका और कक्षा 5 तक प्रवेश
5 मई तक आवेदन की आखिरी तिथि
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि
चंदौली जनपद के चकिया क्षेत्र में बहुप्रतीक्षित दूसरे केंद्रीय विद्यालय का संचालन आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। इस विद्यालय की शुरुआत सीआरपीएफ ग्रुप केंद्र चकिया के परिसर में की गई है, जिसके बाद से ही पूरे क्षेत्र के छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शिक्षा के क्षेत्र में यह कदम चंदौली के विकास के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

बालवाटिका से लेकर कक्षा 5 तक एडमिशन
विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य मनीष पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान शिक्षण सत्र के लिए विद्यालय में दाखिले शुरू कर दिए गए हैं। इसमें बालवाटिका-1, बालवाटिका-2, बालवाटिका-3 के साथ-साथ कक्षा 1 से लेकर कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जा रहा है। प्रवेश फॉर्म के वितरण और उन्हें जमा करने की प्रक्रिया 21 अप्रैल से प्रारंभ हो चुकी है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 मई निर्धारित की गई है। प्राचार्य ने अभिभावकों से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।
सीआरपीएफ ने दी 5 एकड़ भूमि
केंद्रीय विद्यालय के स्थायी भवन निर्माण के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा लगभग 5 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। जब तक विद्यालय का अपना स्थायी भवन बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए कक्षाओं का संचालन अस्थायी तौर पर सीआरपीएफ के स्टोर ब्लॉक में किया जा रहा है। यहां पर पठन-पाठन के लिए सभी जरूरी और मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त कर दी गई हैं।
अभिभावकों को मिली बड़ी राहत
विद्यालय के शुभारंभ पर खुशी जताते हुए सीआरपीएफ के डीआईजी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि यह पहल क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और अनुशासित शिक्षा देने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। इससे आसपास के ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों के बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि पहले बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए काफी दूर भेजना पड़ता था, जिससे उनका काफी समय और पैसा खर्च होता था। अब चकिया में ही केंद्रीय विद्यालय खुल जाने से उन्हें एक बेहतरीन विकल्प मिल गया है।
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