चक्रवाती तूफान से चकिया के बाबा बनबारी दास के ऐतिहासिक मंदिर को नुकसान, गरीबों की मदद की गुहार
चंदौली में आए भीषण चक्रवाती तूफान ने भारी तबाही मचाई है। दीवार गिरने से कई लोगों की जान चली गई, वहीं सैकड़ों घायल अस्पतालों में भर्ती हैं। ऐतिहासिक स्थलों, मुर्गा फार्मों और गरीबों की झोपड़ियों के नष्ट होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
दीवार गिरने से दबे कई मासूम और बुजुर्ग
ऐतिहासिक लतीफ शाह गुंबद और मंदिर क्षतिग्रस्त
मुर्गा फार्म और ईंट-भट्ठे हुए पूरी तरह बर्बाद
अस्पतालों में घायलों की बढ़ी भारी भीड़
एआईपीएफ नेता ने की कर्ज माफी की मांग
चंदौली में प्रकृति का प्रकोप जब चरम पर होता है, तो वह अमीर-गरीब का भेद भूलकर सबको अपनी चपेट में ले लेता है। चंदौली जनपद में आए हालिया चक्रवाती तूफान ने कुछ ऐसा ही मंजर पेश किया है। मौसम विभाग द्वारा मोबाइल पर दी गई पूर्व सूचना के बावजूद, तूफान की तीव्रता इतनी अधिक थी कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस आपदा ने न केवल लोगों के आशियाने छीने हैं, बल्कि कई परिवारों के चिराग भी बुझा दिए हैं।
दीवार गिरने से मौत और घायलों से भरे अस्पताल
तूफान की चपेट में आने से जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में जान-माल की भारी क्षति हुई है। चकिया के शिकारगंज निवासी गुलाब कन्नौजिया के ऊपर घर की दीवार गिर गई, जिससे उनकी मलबे में दबकर मौत हो गई। इसी तरह करवदिया में एक बनवासी परिवार के ऊपर मिट्टी की दीवार भरभराकर गिर गई, जिसमें दबकर एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। जिले के विभिन्न अस्पताल इस समय घायलों से भरे पड़े हैं, जिनका उपचार युद्ध स्तर पर जारी है।
ऐतिहासिक स्थलों और रोजगार पर प्रहार
इस भीषण चक्रवाती तूफान ने जिले की ऐतिहासिक धरोहरों को भी नहीं बख्शा। चर्चा और प्राप्त सूचनाओं के अनुसार, लतीफ शाह स्थित बाबा बनबारी दास मंदिर और लतीफ शाह की प्रसिद्ध गुंबद का हिस्सा इस आपदा की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया है। रोजगार की बात करें तो हेतिमपुर और आसपास के क्षेत्रों में कर्ज लेकर बनाए गए मुर्गा फार्म पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। ईंट-भट्टों पर काम करने वाले मजदूरों के आशियाने उड़ गए, जिन्होंने किसी तरह ऑफिस की इमारतों में छिपकर अपनी जान बचाई।

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हाहाकार
शहरी क्षेत्रों में तूफान ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। सड़कों पर विशालकाय पेड़ गिरने से आवागमन बाधित है। पटरी पर दुकान लगाकर आजीविका चलाने वाले छोटे दुकानदारों का सारा सामान नष्ट हो गया है। ग्रामीण इलाकों में गरीबों की झोपड़ियां उजड़ गई हैं, जिससे उनके सामने सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है।
मुआवजे और कर्ज माफी की मांग
इस भयावह स्थिति को देखते हुए ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (एआईपीएफ) के राष्ट्रीय फ्रंट कमेटी सदस्य अजय राय ने सरकार और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को बिना विलंब किए नुकसान का आकलन करना चाहिए और आपदा राहत कोष से पीड़ितों को उचित मुआवजा देना चाहिए। अजय राय ने विशेष रूप से उन छोटे उद्यमियों का कर्ज माफ करने की मांग की है जिनका व्यवसाय (जैसे मुर्गा फार्म) इस तूफान में पूरी तरह बर्बाद हो गया है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों से भी इस संकट की घड़ी में आगे आने की अपील की है।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*








