जिले में ऐसे चल रहा है जल जीवन मिशन, गुस्से में ठेकेदारों पर ठोका जुर्माना
चंदौली के मवैया गांव में जल जीवन मिशन के कार्यों में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने औचक निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता खराब मिलने पर कार्यदाई संस्था पर जुर्माना लगाने और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों को तुरंत दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
मवैया गांव में निर्माणाधीन पानी टंकी का औचक निरीक्षण
कार्य में लापरवाही पर कार्यदाई संस्था पर आर्थिक दंड
खोदी गई सड़कों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से ठीक करने का आदेश
ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल हेतु नियमित वाटर टेस्टिंग के निर्देश
कागजी रिपोर्ट और जमीनी हकीकत में अंतर मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी
चंदौली जिले के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने बुधवार को चंदौली जिले के मवैया गांव में 'जल जीवन मिशन' (हर घर नल योजना) के तहत चल रहे निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विकास कार्यों में बरती जा रही अनियमितताओं और गुणवत्ता में कमी को देखकर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मौके पर ही कार्यदाई संस्था के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
निर्माण गुणवत्ता पर नाराजगी और जुर्माना
मवैया गांव में निर्माणाधीन पानी की टंकी के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कार्य मानक के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। निर्माण सामग्री और तकनीकी पहलुओं में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी धन का दुरुपयोग और जनता के कार्यों में शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने कार्यदाई संस्था पर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश अधिशासी अभियंता को दिए।
खोदी गई सड़कों को दुरुस्त करने का अल्टीमेटम
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी का ध्यान गांव की उन गलियों और मुख्य मार्गों की ओर गया, जहाँ पाइपलाइन बिछाने के लिए गड्ढे खोदे गए थे। इन खुदी हुई सड़कों के कारण ग्रामीणों को आवागमन में हो रही असुविधा पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खोदी गई सड़कों को शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण तरीके से रिपेयर किया जाए, ताकि जनता को कोई परेशानी न हो।
शुद्ध पेयजल और सफाई के निर्देश
जिलाधिकारी ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि टंकी के अंदरूनी हिस्सों की नियमित रूप से सफाई की जाए। साथ ही, समय-समय पर पानी के नमूनों को लेकर प्रयोगशाला में उनकी जांच कराई जाए। डीएम ने कहा कि शुद्ध पेयजल ग्रामीणों का अधिकार है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही अक्षम्य होगी।
अधिकारियों को कड़ी चेतावनी
अधिशासी अभियंता, जल निगम को निर्देशित करते हुए डीएम ने कहा कि चल रहे प्रोजेक्ट्स की निगरानी और अधिक सख्ती से की जाए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वह कभी भी बिना सूचना के किसी भी परियोजना का निरीक्षण कर सकते हैं। यदि विभाग द्वारा दी गई कागजी रिपोर्ट और धरातल पर मौजूद स्थिति में कोई विसंगति पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार एजेंसियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जल निगम के अधिशासी अभियंता और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के इस कड़े रुख से जिले के विकास कार्यों में लगी संस्थाओं में हड़कंप मचा हुआ है।
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