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डिजिटल फसल सर्वे में लापरवाही पर ADO पंचायत को फटकार, DPRO ने दिया 5 फरवरी तक का अल्टीमेटम।

शहाबगंज में डिजिटल फसल सर्वे की सुस्त रफ्तार पर डीपीआरओ ने कड़ी नाराजगी जताई है। एडीओ पंचायत को फटकार लगाते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि 5 फरवरी तक कार्य पूर्ण न होने पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 
 

डीपीआरओ ने ब्लॉक मुख्यालय पर की समीक्षा

एडीओ पंचायत को मिली कड़ी चेतावनी

पंचायत सहायकों को 5 फरवरी तक का लक्ष्य

डेटा फीडिंग में लापरवाही पर सख्त निर्देश

समयसीमा में सर्वे पूर्ण करने का आश्वासन

चंदौली जिले के जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) नीरज कुमार सिन्हा ने रविवार को शहाबगंज ब्लॉक मुख्यालय का औचक निरीक्षण कर डिजिटल फसल सर्वे की प्रगति का जायजा लिया। सर्वे की कछुआ गति और मॉनिटरिंग में भारी खामियां पाए जाने पर उन्होंने कड़ा रुख अख्तियार किया है। डीपीआरओ ने स्पष्ट लहजे में कहा कि शासन की इस महत्वपूर्ण योजना में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुस्त रफ्तार पर भड़के डीपीआरओ, एडीओ पंचायत को चेतावनी
ब्लॉक मुख्यालय पर समीक्षा बैठक के दौरान डीपीआरओ नीरज कुमार सिन्हा ने जब सर्वे के आंकड़ों और डेटा अपलोडिंग की स्थिति देखी, तो वे असंतुष्ट नजर आए। शहाबगंज क्षेत्र में लक्ष्य के अनुरूप कार्य न होने पर उन्होंने एडीओ पंचायत अरविंद सिंह को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत सहायकों के कार्यों की प्रतिदिन निगरानी की जाए और जो कर्मचारी फील्ड में सक्रिय नहीं हैं, उन पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

5 फरवरी तक का दिया गया 'डेडलाइन'
निरीक्षण के दौरान डीपीआरओ ने पंचायत सहायकों की लोकेशन और उनके द्वारा फीड किए गए डेटा की गहन जांच की। बैठक में मौजूद पंचायत सहायकों और संबंधित ब्लॉक कर्मचारियों ने अपनी कमियों को स्वीकार करते हुए डीपीआरओ को आश्वस्त किया कि वे 5 फरवरी तक डिजिटल फसल सर्वे का शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लेंगे। डीपीआरओ ने इस आश्वासन को अंतिम अवसर बताते हुए समयसीमा का कड़ाई से पालन करने को कहा।

किसानों के हित के लिए अनिवार्य है डिजिटल सर्वे
डीपीआरओ ने कर्मचारियों को समझाते हुए कहा कि डिजिटल फसल सर्वे कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह किसानों को भविष्य में सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने का आधार है। उन्होंने कहा कि सही डेटा अपलोड होने से ही किसानों को मुआवजा, खाद और बीज संबंधी सहायता समय पर मिल सकेगी।

अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी समीक्षा बैठक में यदि प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, तो केवल स्पष्टीकरण से काम नहीं चलेगा, बल्कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि और निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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