DAP खाद के लिए तरसे किसान: इलिया समिति पर उमड़ी भीड़, 84 किसानों को ही मिल सकी खाद
चंदौली के शहाबगंज स्थित इलिया किसान सहकारी समिति पर डीएपी खाद आते ही किसानों की भारी भीड़ जमा हो गई। उपलब्ध 300 बोरी खाद 84 किसानों में बंटते ही खत्म हो गई, जिससे कई किसानों को बिना खाद खाली हाथ लौटना पड़ा।
इलिया समिति पर डीएपी के लिए उमड़ी किसानों की भीड़
300 बोरी डीएपी खाद 84 किसानों के बीच बांटी गई
सत्यापन और अंगूठा लगवाने के बाद मिला खाद का आवंटन
खाद खत्म होने से दर्जनों किसानों को होना पड़ा निराश
चंदौली जिले के शहाबगंज विकासखंड क्षेत्र में डीएपी खाद की भारी मांग बनी हुई है। मंगलवार को जैसे ही इलिया किसान सहकारी समिति (बी-पैक्स) पर खाद आने की सूचना मिली, परिसर में डीएपी लेने के लिए किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा। सुबह नौ बजे से समिति पर किसानों को खाद का वितरण शुरू कर दिया गया था। सुबह से ही किसान खाद पाने की उम्मीद में कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करने लगे थे।

सत्यापन और अंगूठा लगवाने के बाद ही बांटी गई खाद
खाद वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र पर कड़े इंतजाम किए गए थे। खाद लेने पहुंचे किसानों के संबंधित खेत की खतौनी और पहचान पत्र का बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया। इसके बाद मशीन पर किसानों का अंगूठा लगवाने के बाद ही खाद की बोरियां दी गईं। कई किसान खाद मिलने की आस में घंटों तक समिति परिसर में डटे रहे, लेकिन सीमित स्टॉक के कारण सभी की मांग पूरी नहीं हो सकी।

300 बोरी खाद खत्म, दर्जनों किसान निराश होकर लौटे
समिति के सचिव भोलानाथ यादव ने बताया कि मंगलवार को समिति पर कुल 300 बोरी डीएपी खाद उपलब्ध हुई थी। इसे नियमानुसार खतौनी व पहचान सत्यापन कराने और अंगूठा लगवाने के बाद 84 किसानों के बीच वितरित कर दिया गया। 300 बोरी बंटने के बाद खाद का स्टॉक खत्म हो गया, जिससे कतार में खड़े बाकी किसानों को बिना खाद के ही निराश होकर वापस लौटना पड़ा। सचिव ने आश्वासन दिया है कि खाद की अगली खेप आते ही शेष किसानों को प्राथमिकता पर खाद दी जाएगी।
फसल बचाने के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग
खाद न मिलने से परेशान किसानों का कहना है कि धान की रोपाई के बाद अब फसलों में खाद डालना बेहद जरूरी है। अगर समय पर डीएपी नहीं मिलेगी तो फसल के उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से समिति पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद भिजवाने की मांग की है, ताकि उन्हें बार-बार चक्कर न काटने पड़ें।
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