चकिया में वन विभाग का एक्शन: जंगल की जमीन पर वन विभाग ने चलाया बुलडोजर; भीषमपुर में बन रहा अवैध पक्का मकान ध्वस्त
चंदौली के चकिया वन क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। भीषमपुर गांव में जंगल की जमीन पर बनाए जा रहे पक्के मकान को वन विभाग की टीम ने ढहा दिया, जिससे अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मचा है।
मुजफ्फरपुर बीट में अवैध निर्माण ध्वस्त
हथिनी कम्पार्टमेंट की वन भूमि अतिक्रमण मुक्त
रेन्जर अश्विनी चौबे के नेतृत्व में कार्रवाई
चेतावनी के बावजूद जारी था पक्का निर्माण
जंगल की जमीन पर कब्जा बर्दाश्त नहीं
चंदौली जनपद अंतर्गत चकिया तहसील क्षेत्र में वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। भीषमपुर गांव के पास जंगल की सुरक्षित जमीन पर किए जा रहे अतिक्रमण को वन विभाग की टीम ने बलपूर्वक ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

चेतावनी को किया दरकिनार, तो हुई कार्रवाई
मामला चकिया वन रेंज के मुजफ्फरपुर बीट अंतर्गत हथिनी कम्पार्टमेंट नंबर 2ए का है। यहाँ वन भूमि पर कुछ स्थानीय अतिक्रमणकारियों द्वारा अवैध रूप से पक्का मकान बनाने का प्रयास किया जा रहा था। रेंजर अश्विनी चौबे के मुताबिक, विभाग को इस निर्माण की सूचना मिलते ही पहले भी चेतावनी दी गई थी और काम रोकने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन विभाग की नरम रुख का फायदा उठाते हुए अतिक्रमणकारियों ने निर्देशों को ठंडे बस्ते में डाल दिया और मकान पर स्लैब (छत) डालने की तैयारी शुरू कर दी।
दलबल के साथ पहुँची टीम
जब विभागीय निर्देशों की खुलेआम अवहेलना की गई, तो रेंजर अश्विनी चौबे और डिप्टी रेंजर आनंद दुबे के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने दलबल के साथ मौके पर पहुँचकर निर्माणाधीन पक्के ढांचे को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते वन विभाग के अमले ने पूरे अवैध निर्माण को मलबे में तब्दील कर दिया और सरकारी जमीन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करा लिया।
विभाग की दोटूक चेतावनी
कार्रवाई के बाद वन अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आरक्षित वन क्षेत्र और जंगल की जमीन पर किसी भी प्रकार का पक्का या कच्चा निर्माण कानूनी अपराध है। रेंजर अश्विनी चौबे ने कहा कि पारिस्थितिक तंत्र को बचाने के लिए जंगल की जमीन का संरक्षण अनिवार्य है और भविष्य में भी यदि कहीं इस तरह की गतिविधि पाई जाती है, तो बिना किसी रियायत के ध्वस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद से स्थानीय स्तर पर विभाग की मुस्तैदी की चर्चा हो रही है, वहीं उन लोगों में डर का माहौल है जिन्होंने चोरी-छिपे सरकारी जमीनों को घेर रखा है।
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