शिकारगंज इलाके में वन विभाग का छापा: ओवरलोड गिट्टी लदा बोगा ट्रैक्टर जब्त, विभागीय सुस्ती पर उठे सवाल
चकिया के शिकारगंज इलाके में वन विभाग ने गश्त के दौरान गिट्टी लदे एक ओवरलोड बोगा ट्रैक्टर को जब्त किया है। बिना वैध दस्तावेजों और नंबर प्लेट के चल रहे इस वाहन पर डीएफओ के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई की गई है।
शिकारगंज में वन विभाग की संयुक्त टीम की बड़ी छापेमारी
ओवरलोड गिट्टी लदे बोगा ट्रैक्टर को किया गया जब्त
डीएफओ बी. शिव शंकर के निर्देश पर हुई कार्रवाई
बिना नंबर प्लेट सड़कों पर दौड़ रहे अवैध वाहन
परिवहन और खनन विभाग की भूमिका पर उठे सवाल
चंदौली जिले के चकिया कोतवाली अंतर्गत शिकारगंज इलाके में वन विभाग की सक्रियता से अवैध परिवहन के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। वन विभाग की संयुक्त टीम ने गश्त के दौरान ओवरलोड गिट्टी से लदे एक बोगा ट्रैक्टर को पकड़कर उसे जब्त कर लिया है। इस कार्रवाई से अवैध खनन और परिवहन करने वाले सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है। पकड़े गए वाहन को चकिया रेंज कार्यालय लाया गया है, जहां अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
डीएफओ के निर्देश पर हुई त्वरित कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग की टीम शिकारगंज क्षेत्र में नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान सड़क पर एक संदिग्ध बोगा ट्रैक्टर गिट्टी लादकर जाता हुआ दिखाई दिया। टीम ने तत्परता दिखाते हुए वाहन को रोककर उसके दस्तावेजों की मांग की। चालक द्वारा प्रस्तुत कागजात संदिग्ध और अधूरे पाए गए। इसकी सूचना तत्काल प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) बी. शिव शंकर को दी गई। उनके कड़े निर्देश के बाद विभाग ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर पर 25.50 नंबर की गिट्टी लदी हुई थी।

बिना नंबर प्लेट के दौड़ रहे मौत के वाहन
क्षेत्रीय ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों की मानें तो चकिया और शिकारगंज के इलाकों में बिना नंबर प्लेट के ट्रैक्टर और डंपर धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। यह चर्चा भी आम है कि लंबे समय से ओवरलोड वाहनों का अवैध संचालन जारी है, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी अंकुश नहीं लगाया जा रहा था। वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब खनन और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में यह चर्चा तेज है कि जिस काम को परिवहन (RTO) और खनन विभाग को करना चाहिए था, वह जिम्मेदारी अब वन विभाग निभाता नजर आ रहा है। लोगों का सवाल है कि जब खुलेआम बिना वैध कागजात के वाहन मुख्य सड़कों पर दौड़ रहे हैं, तो निगरानी करने वाली एजेंसियां कहां सो रही थीं। फिलहाल, जब्त वाहन के स्वामी और स्रोत की जांच की जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध परिवहन और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
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