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चंदौली में वन भूमि पर दो मंजिला मकान का आरोप, मुख्यमंत्री से शिकायत; जांच के बाद कार्रवाई की बात

चंदौली के चकिया क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर कथित अवैध निर्माण का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता ने अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है, जबकि डीएफओ ने जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया है।

 
 

वन भूमि पर अवैध निर्माण का आरोप

मुख्यमंत्री से न्याय की लगाई गुहार

वन विभाग पर मिलीभगत के आरोप

डीएफओ ने जांच के दिए निर्देश

जांच सही मिलने पर हटेगा अतिक्रमण

चंदौली जिले के इलिया थाना क्षेत्र के विशुनपुरवा गांव निवासी अम्बरीश नारायण द्विवेदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर ग्राम पंचायत मुहम्मदाबाद के शेरपुर स्थित वन विभाग की भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण की शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

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वन भूमि पर दो मंजिला भवन बनाने का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार ग्राम पंचायत मुहम्मदाबाद के शेरपुर क्षेत्र में परीक्षित उपाध्याय और उनके परिवार द्वारा वन विभाग की भूमि पर कथित रूप से दो मंजिला पक्का भवन बनाकर कब्जा किया गया है। आरोप है कि यह निर्माण वन विभाग के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत और संरक्षण में हुआ तथा वर्तमान में भी भवन का उपयोग किया जा रहा है।
पुराने पत्रों और शिकायतों का भी दिया हवाला
प्रार्थना पत्र में दावा किया गया है कि इस मामले में पहले भी वन विभाग और जिला प्रशासन से शिकायत की जा चुकी है। शिकायतकर्ता के अनुसार प्रभागीय वनाधिकारी, काशी वन्यजीव प्रभाग, रामनगर द्वारा वर्ष 2025 में जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया था। वहीं क्षेत्रीय वन अधिकारी, चकिया रेंज ने भी पूर्व में संबंधित भवन को वन भूमि पर निर्मित बताते हुए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू करने का उल्लेख किया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
अधिकारियों पर दबाव बनाने और मिलीभगत का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित पक्ष प्रभावशाली है तथा अन्य स्थानों पर भी वन भूमि पर कथित कब्जे किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने कुछ वन अधिकारियों पर समझौते का दबाव बनाने, शिकायत वापस लेने की सलाह देने और कार्रवाई से बचने के आरोप भी लगाए हैं। साथ ही जान से मारने की धमकी मिलने का भी उल्लेख किया गया है।
डीएफओ बोले- जांच में आरोप सही मिले तो होगी कार्रवाई
इस संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) ने बताया कि उन्हें प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है और पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो वन विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

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