चंदौली-बिहार सीमा पर मालदह पुल के एप्रोच मार्ग का निर्माण शुरू, 70 लाख मुआवजे के बाद काम ने पकड़ी गति
चंदौली को बिहार से जोड़ने वाले मालदह पुल के एप्रोच मार्ग का निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी ने शुरू कर दिया है। एप्रोच रोड के अभाव में धूल फांक रहे 8.60 करोड़ के इस पुल से मार्च तक आवागमन शुरू होने की उम्मीद है।
8.60 करोड़ की लागत से बना पुल
240 मीटर लंबे एप्रोच मार्ग का निर्माण
जमीन अधिग्रहण के लिए 70 लाख मुआवजा
मार्च तक आवागमन शुरू करने का लक्ष्य
मालदह पुल पर खत्म होगा इंतजार: एप्रोच मार्ग का निर्माण शुरू होने से चंदौली-बिहार संपर्क होगा सुगम
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले को पड़ोसी राज्य बिहार से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी 'मालदह पुल' के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से एप्रोच मार्ग न होने के कारण अनुपयोगी पड़े नए पुल को चालू करने की कवायद तेज हो गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) निर्माण खंड की ओर से करीब 240 मीटर लंबे एप्रोच मार्ग का निर्माण कार्य आधिकारिक रूप से आरंभ कर दिया गया है। वर्तमान में निर्माण स्थल पर गिट्टी और बालू गिराने का काम तेजी से चल रहा है। इस मार्ग के बन जाने से हजारों राहगीरों को उस जर्जर पुराने पुल से छुटकारा मिलेगा, जो वर्तमान में हादसों को दावत दे रहा है।
जमीन अधिग्रहण और मुआवजे की बाधा हुई दूर
मालदह में 8.60 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से नए पुल का ढांचा तो दो माह पहले ही बनकर तैयार हो गया था, लेकिन एप्रोच मार्ग के लिए आवश्यक भूमि के अधिग्रहण का मामला अधर में लटका हुआ था। विभाग ने इस समस्या को सुलझाते हुए आसपास के प्रभावित किसानों और जमीन मालिकों को करीब 70 लाख रुपये की मुआवजा राशि वितरित कर दी है। मुआवजे की प्रक्रिया पूर्ण होते ही भूमि पर कब्जा लेकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि अब निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार का कानूनी या स्थानीय व्यवधान उत्पन्न नहीं होगा।
जर्जर पुल के खतरों से मिलेगी मुक्ति
विदित हो कि चंदौली और बिहार के बीच आवागमन के लिए करीब 30 वर्ष पहले एक पुल का निर्माण किया गया था। उचित रखरखाव न होने और समय के साथ जर्जर होने के कारण यह पुल अब बेहद खतरनाक स्थिति में पहुँच चुका है। इसके बावजूद, नए पुल के चालू न होने की मजबूरी में लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इसी जर्जर ढांचे से गुजरने को विवश थे। ग्रामीणों ने कई बार नए पुल को जल्द चालू करने की मांग उठाई थी। अब एप्रोच मार्ग का काम शुरू होने से स्थानीय लोगों और व्यापारियों में खुशी की लहर है, क्योंकि इससे लंबी दूरी तय करने की समस्या भी समाप्त हो जाएगी।
मार्च तक पुल को जनता के लिए खोलने का लक्ष्य
परियोजना की प्रगति पर जानकारी साझा करते हुए लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता (XEN) कृष्णा कुमार ने बताया कि एप्रोच मार्ग का निर्माण सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है। विभाग का लक्ष्य है कि मार्च के अंत तक 240 मीटर लंबी एप्रोच रोड का निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण कर लिया जाए। जैसे ही सड़क का काम पूरा होगा, नए पुल को आधिकारिक तौर पर आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। इस नए मार्ग के शुरू होने से न केवल चंदौली बल्कि बिहार जाने वाले भारी वाहनों और राहगीरों को सुगम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।
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