चकिया में मिलावटी शराब बनाने का भंडाफोड़, भारी मात्रा में केमिकल और रैपर बरामद
चकिया में मिलावटी शराब का भंडाफोड़
• मालिक की जगह सेल्समैन पर केस
• भारी मात्रा में केमिकल और रैपर बरामद
• आबकारी निरीक्षक की कार्यप्रणाली पर सवाल
• जल्द आरोपी मालिक पर दर्ज होगा मुकदमा
चंदौली जिले के चकिया कोतवाली क्षेत्र स्थित बैरी मोड़ के पास एक कंपोजिट अंग्रेजी शराब की दुकान पर गुरुवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी विभाग, पुलिस और एसडीएम के नेतृत्व में हुई संयुक्त छापेमारी में बड़े पैमाने पर मिलावटी शराब बनाने के खेल का पर्दाफाश हुआ है। जांच टीम को मौके से भारी मात्रा में खाली बोतलें, ढक्कन, रैपर और खतरनाक केमिकल बरामद हुए हैं। इतनी बड़ी गड़बड़ी देखकर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दुकान को सील कर दिया है।
सिर्फ सेल्समैन पर मुकदमा, लाइसेंस धारक पर मेहरबानी?
इस मामले में आबकारी विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आबकारी निरीक्षक शांति चौरसिया ने सदर कोतवाली के सेवखर खुर्द गांव के निवासी और दुकान के सेल्समैन जितेंद्र यादव को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार सेल्समैन ने अपने बयान में साफ कहा है कि वह दुकान के लाइसेंस धारक के कहने पर शराब में मिलावट का काम करता था। इसके बावजूद आबकारी विभाग द्वारा मुख्य संचालक यानी लाइसेंस धारक पर केस दर्ज न किया जाना सवालों के घेरे में है।
अधिकारी ने मानी चूक, जल्द नाम शामिल करने का दावा
मुख्य आरोपी को बचाने के आरोपों और विवाद के बीच आबकारी विभाग ने अपनी सफाई पेश की है। आबकारी निरीक्षक शांति चौरसिया ने बताया कि मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया के दौरान चूक हो गई है। उन्होंने दावा किया है कि इस भूल को सुधारते हुए जल्द ही मुकदमे में शराब की दुकान के लाइसेंस धारक का नाम भी शामिल कराया जाएगा। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम और विभाग की कार्यप्रणाली की क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है।
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