चंदौली में भड़के किसान: बेन रजवाहा नहर का काम रोककर सिंचाई विभाग के खिलाफ खोला मोर्चा
धान के सीजन से पहले चंदौली में किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बेन रजवाहा नहर में छोटे कुलावे लगाने के विरोध में किसान विकास मंच ने काम बंद कराकर बड़े कुलावों की मांग की है।
बेन रजवाहा अंतर्गत नहर निर्माण कार्य रोका
एक फीट की जगह छः इंच का कुलावा लगाने पर विवाद
200 एकड़ भूमि की सिंचाई पर मंडराया संकट
सिंचाई नक्शे में संशोधन की पुरजोर मांग
बटौवा फाल पर किसानों का जोरदार प्रदर्शन
चंदौली: बेन रजवाहा नहर का काम किसानों ने कराया बंद, सिंचाई विभाग के 'पुराने ढर्रे' पर जताया कड़ा ऐतराज
चंदौली जिले में धान की खेती का सीजन नजदीक आते ही किसानों ने अपनी फसलों की सिंचाई को लेकर चिंता जाहिर करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में बेन रजवाहा अंतर्गत आदर्श नहर निर्माण के कार्य को लेकर किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने बटौवा फाल पर पहुंचकर काम रुकवा दिया। किसानों का आरोप है कि विभाग उनकी जरूरतों को नजरअंदाज कर सिंचाई के लिए छोटे कुलावे लगा रहा है।
DM-CDO साहब देख लीजिए मनमानी
— Chandauli Samachar (@chandaulinews) May 10, 2026
बेन रजवाहा अंतर्गत नहर निर्माण कार्य रोका
एक फीट की जगह छः इंच का कुलावा लगाने पर विवाद
200 एकड़ भूमि की सिंचाई पर मंडराया संकट@dmchandauli @cdochandauliup @CMOfficeUP @JalShaktiMin pic.twitter.com/FOvm3fSZgf
कुलावे के साइज को लेकर उपजा विवाद
घटना के अनुसार, बेन रजवाहा नहर में पहले किसानों ने अपनी सुविधा के अनुसार एक फीट के कुलावे लगाए थे। लेकिन वर्तमान में सिंचाई विभाग उन्हें उखाड़कर मात्र छः इंच के कुलावे लगा रहा है। जंगलपुर फाल के पूरब दिशा में केवल दो कुलावे (छः इंच के) लगाए जाने से किसान आक्रोशित हो गए। किसान विकास मंच के नेता ओमप्रकाश सिंह ने मौके पर पहुंचकर काम बंद कराते हुए दो टूक कहा कि जब तक यहां एक और अतिरिक्त कुलावा नहीं लगाया जाता, तब तक काम चालू नहीं होने देंगे।

गोष्ठी में उठी सिंचाई नक्शे में बदलाव की मांग
कार्य रुकवाने के बाद भुड़कुड़ा मझूईं ग्राम में एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज की आधुनिक खेती में पानी की मांग बढ़ गई है। उन्होंने सुझाव दिया कि सिंचाई विभाग को अपने पुराने नक्शों और नियमों में संशोधन करना चाहिए। यदि विभाग पुराने जमाने के नक्शे लागू करेगा, तो धान और गेहूं की फसलों को समय पर पर्याप्त पानी नहीं मिल पाएगा, जिससे किसानों को भारी नुकसान होगा।
सैकड़ों एकड़ खेती पर संकट
मंच के वक्ता अशोक कुमार सिंह ने बताया कि इस नहर से जंगलपुर, भुड़कुड़ा और मझूईं जैसे गांवों की लगभग दो सौ एकड़ भूमि की सिंचाई की जानी है। पानी को लगभग ढाई किलोमीटर दूर तक ले जाना पड़ता है। ऐसे में यदि दो के बजाय चार कुलावे नहीं लगाए गए, तो सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी। किसानों ने "हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीभीख मांगते" जैसे नारों के साथ अपनी आवाज बुलंद की।
विनोद सिंह की अध्यक्षता और कृष्णानंद सिंह के संचालन में हुए इस कार्यक्रम में राम अवध सिंह, बंसलोचन सिंह, ओमप्रकाश सिंह, सुरेश मौर्य, रमेश गुप्ता, राहुल कुमार सिंह सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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