चकिया के शेरपुर रसिया में वन विभाग का बुलडोजर: बनवासियों की मड़इयाँ ध्वस्त, फायरिंग और मारपीट के आरोप से बवाल
शहाबगंज के शेरपुर रसिया में वन विभाग द्वारा बनवासियों की मड़इयाँ ढहाए जाने पर भारी हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने मारपीट और हवाई फायरिंग का आरोप लगाया है, जिसके बाद भाकपा (माले) ने बड़े आंदोलन का ऐलान किया है।
जेसीबी से ध्वस्त हुईं रिहायशी मड़इयाँ
बनवासियों ने लगाया हवाई फायरिंग का आरोप
भाकपा (माले) की बड़े आंदोलन की चेतावनी
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
चंदौली जिले के शहाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत शेरपुर रसिया गांव में मंगलवार को वन विभाग की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई ने हिंसक रूप ले लिया। वर्षों से अपनी मड़इयाँ डालकर रह रहे बनवासी परिवारों के आशियाने जब वन विभाग की जेसीबी ने ढहाने शुरू किए, तो पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। इस कार्रवाई से न केवल दर्जनों परिवार बेघर हो गए, बल्कि वन विभाग की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जेसीबी से ढहाए आशियाने, दहशत में ग्रामीण
वन विभाग के अनुसार, शेरपुर रसिया में लगभग 20 हेक्टेयर वन भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा था। इसे मुक्त कराने के लिए विभाग ने भारी फोर्स के साथ अभियान शुरू किया। जैसे ही जेसीबी ने रिहायशी मड़इयों को गिराना शुरू किया, ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि विरोध करने पर वनकर्मियों ने महिलाओं, बच्चों और युवाओं के साथ बर्बरतापूर्ण मारपीट की, जिसमें कई लोग चोटिल हो गए। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम पर हवाई फायरिंग करने का भी आरोप लगाया, जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
भाकपा (माले) और आईपीएफ ने दी चेतावनी
घटना की सूचना मिलते ही भाकपा (माले) के जिला सचिव अनिल पासवान और आईपीएफ नेता अजय राय मौके पर पहुँचे। अनिल पासवान ने इस कार्रवाई को वन विभाग की तानाशाही और गरीबों पर जुल्म करार दिया। उन्होंने कहा कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के वर्षों से बसे बनवासियों को उजाड़ना और महिलाओं-बच्चों पर हाथ उठाना निंदनीय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वन विभाग ने अपनी मनमानी बंद नहीं की, तो माले द्वारा जिले स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा, तनावपूर्ण शांति
बढ़ते आक्रोश को देखते हुए उपजिलाधिकारी (SDM) विनय कुमार मिश्र और थाना प्रभारी प्रियंका सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर डटे रहे। एसडीएम ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और आश्वासन दिया कि एक निर्धारित सीमा के भीतर ही वन विभाग कार्रवाई करेगा और बस्ती के सुरक्षित हिस्से को नुकसान नहीं पहुँचाया जाएगा। इस दौरान चकिया, चंद्रप्रभा, जय मोहनी, मजगाई और नौगढ़ रेंज के रेंजर व वनकर्मी भारी संख्या में तैनात रहे। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार मोहम्मद आरिफ, रेंजर चकिया अश्वनी कुमार चौबे, रेंजर चंद्रप्रभा अखिलेश द्विवेदी, डीपी रेंजर चकिया आनंद दुबे सहित बड़ी संख्या में वन दरोगा और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। वहीं ग्रामीणों की ओर से जागृति यादव, सावित्री, अनीता और सुरेंद्र कुमार राव सहित सैकड़ों पीड़ितों ने प्रशासन के सामने अपना दुखड़ा रोया।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*







