सिकंदरपुर पुल निर्माण में देरी से भड़के व्यापारी, बाजार का रास्ता ठप होने से आवागमन में भारी परेशानी
चंदौली के सिकंदरपुर में बबुरी रजवाहा नहर पर पुल निर्माण की कछुआ चाल ने ग्रामीणों और व्यापारियों का जीना मुहाल कर दिया है। वैकल्पिक रास्ता न होने और नहर में पानी आने से बाजार का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
पुल निर्माण की धीमी गति से व्यापारियों में भारी आक्रोश
वैकल्पिक मार्ग न होने से पैदल आवागमन पूरी तरह ठप
सिकंदरपुर बाजार के व्यापार पर पड़ा प्रतिकूल प्रभाव
सिंचाई विभाग की लापरवाही से जनता को लंबा चक्कर
व्यापारियों ने जिलाधिकारी से की त्वरित समाधान की मांग
चंदौली जिले के चंद्रप्रभा नदी से संबद्ध बबुरी रजवाहा की सिकंदरपुर नहर पर इन दिनों विकास कार्य विनाश का कारण बनता दिख रहा है। बाजार को जोड़ने वाली मुख्य पुलिया को जर्जर घोषित कर सिंचाई विभाग ने यहाँ नई पुलिया का निर्माण कार्य शुरू कराया था। परंतु, ठेकेदार की लापरवाही और कार्य की अत्यंत धीमी गति ने स्थानीय लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। हफ़्तों बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा होना तो दूर, अब तक बुनियादी ढांचा भी तैयार नहीं हो सका है।
वैकल्पिक मार्ग का अभाव और बढ़ती मुश्किलें
सबसे गंभीर समस्या यह है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले विभाग ने आवागमन के लिए किसी वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की। वर्तमान में सिंचाई हेतु नहर में पानी छोड़े जाने के कारण पैदल यात्रियों का रास्ता भी पूरी तरह बंद हो गया है। ग्रामीणों को अब कुछ मीटर की दूरी तय करने के लिए कई किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। इसका सीधा असर सिकंदरपुर बाजार के व्यापार पर पड़ा है, जिससे दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग
इस अव्यवस्था को लेकर सिकंदरपुर उद्योग व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष शीतला प्रसाद केसरी और वर्तमान अध्यक्ष विमलेश कुमार विश्वकर्मा ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने जिलाधिकारी चंदौली को पत्र लिखकर मांग की है कि पुलिया का निर्माण युद्धस्तर पर कराकर शीघ्र पूर्ण किया जाए। साथ ही, जब तक निर्माण कार्य चलता है, तब तक आम जनता के लिए तत्काल वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की जाए, ताकि बाजार और आवागमन सुचारू रह सके।
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